यूखरिस्तीय प्रार्थना – 4

पुरोहित: प्रभु आप लोगों के साथ हो।

सब:और आपके साथ भी।

पुरोहित: प्रभु में मन लगाइए।

सब: हम प्रभु में मन लगाए हुए हैं।

पुरोहित: हम अपने प्रभु ईश्वर को धन्यवाद दें।

सब: यह उचित और आवश्यक है।

C: हे परम पावन पिता, यह उचित और आवश्यक है कि हम तुझे धन्यवाद दें और तेरी वंदना करें, क्योंकि केवल तू जीवन और सत्य है, तू ही अनादि और अनंत ईश्वर है। हे अगम्य तेज-पुंज निवासी। तू कल्याण तथा जीवन का स्रोत, त्रिलोक सृष्टा है; तू अखिल सृष्टि को अपने वरदानों से समृद्ध करता है, कि अपने दिव्य दर्शन से सब को उल्लसित करे। अतः असंख्य दूतगण निशि-दिन तेरी सेवा में निरत हैं, और तेरे मुख-मण्डल का ध्यान कर निरंतर तेरी महिमा गाते हैं। उन्हीं के साथ हम, और हमारे स्वर में स्वर मिलाकर, सकल चराचर, हर्षित मन तेरा स्तवन करते हैं:

सब: पवित्र, पवित्र, पवित्र! प्रभु, विश्वमण्डल के ईश्वर! स्वर्ग और पृथ्वी तेरी महिमा से परिपूर्ण हैं। स्वर्ग में प्रभु की जय! धन्य हैं वे, जो प्रभु के नाम पर आते हैं। स्वर्ग में प्रभु की जय!

पुरोहित: हे परम पावन पिता, हम तेरा गुणगान करते हैं। तू महान है, और तेरे सभी कार्य प्रज्ञा और प्रेम से परिपूर्ण हैं। तूने मानव को अपने अनुरूप बनाया, और उसे सारी पृथ्वी की विकास-वृद्धि का दायित्व सौंपा, कि वह अपने एकमात्र सृष्टिकर्त्ता की सेवा में निरत समस्त सृष्टि पर शासन करे। जब मनुष्य ने तेरी आज्ञा भंग कर तेरी मैत्री खो दी, तूने उसे मृत्यु के वश में नहीं छोड़ा, बल्कि तू सब का सहारा बना कि खोजनेवाले तुझे पा सकें। तूने बार-बार मनुष्यों के साथ - अपना व्यवस्थान स्थापित किया, और नबियों के द्वारा उन्हें मुक्ति की प्रतीक्षा करना सिखलाया।

c: हे परम पिता, तूने संसार को इतना प्यार किया कि जब अवधि पूरी हुई, तूने हमारी मुक्ति के लिए अपने एकलौते पुत्र को भेजा। वह पवित्र आत्मा के प्रताप से देहधारी बने, कुँवारी मरियम से जन्मे, और पाप को छोड़ सब प्रकार से मानव जीवन जीए। उन्होंने विनीतों को उद्धार, - बंदियों को मुक्ति और दुःखियों को आनंद का संदेश सुनाया। तेरी मुक्ति-योजना पूरी करने के लिए, उन्होंने अपने प्राण निछावर कर दिए, और पुनर्जीवित होकर, मृत्यु का विनाश तथा नव जीवन का निमार्ण किया।

c: हे पिता, उन्होंने तेरी ओर से अपना सर्वश्रेष्ठ वरदान पवित्र आत्मा को भक्तों के हित भेजा, कि हम अब से, अपने लिए नहीं, - परन्तु उनके लिए जीएँ, जो हमारे लिए मरे और जी उठे। वह आत्मा संसार में ख्रीस्त का मुक्ति-कार्य पूर्ण करता हुआ, सब का सिद्ध-संपन्न बनाता है।

He joins his hands and then, holding them outstretched over the offerings, he says:

cc: इसलिए, हे परम पिता, हमारी विनय हैः वही पवित्र आत्मा इस उपहार को पवित्र करे,

The chief celebrant joins his hands, and signing the host and the chalice he says:

कि यह हमारे प्रभु ख्रीस्त का शरीर तथा + रक्त बन जाए;

He joins his hands.

और हम इस महान यूखरिस्त का समारोह मना सकें, जिसे इन्होंने हमें अंनत व्यवस्थान के रूप में दिया है।

The words of consecration are pronounced distinctly, as their meaning demands.

हे पूज्य पिता, जब वह शुभ मुहूर्त आया, जिसे तूने उन्हें महिमान्वित करने के लिए निर्धारित किया था, येसु ने इस संसार में रहने वाले निज भक्तों पर अगाध प्रेम प्रदर्शित किया। जब वे भोजन कर रहे थे,

Holding the host with both hands slightly raised above the altar, he says:

उन्होंने रोटी ली, तुझे धन्यवाद दिया और रोटी तोड़कर उसे अपने शिष्यों को देते हुए कहाः

He bows slightly.

तुम सब इसे लो और खाओ’ यह मेरा शरीर है, जो तुम्हारे लिए बलि चढ़ाया जाएगा।

He shows the consecrated host to the faithful, places it on the paten, and genuflects (or bows)

इसी भाँति

He takes the chalice with both hands; holding it slightly elevated, he continues:

उन्होंने दाखरस-भरा कटोरा लिया, तुझे धन्यवाद दिया, और उसे अपने शिष्यों को देते हुए कहाः

He bows slightly.

तुम सब इसे लो और पीओ - यह मेरे रक्त का कटोरा है, नवीन और अनन्त व्यवस्थान का रक्त, जो तुम्हारे और सबों के पापों की क्षमा के लिए बहाया जाएगा। तुम मेरी स्मृति में यह किया करो।’

He shows the chalice to the faithful, replaces it on the corporal, and genuflects (or bows) He then says:

C: यह है हमारे विश्वास का रहस्य:

The faithful responds with one of the following acclamations:

1. ख्रीस्त मर गए, ख्रीस्त जी उठे, ख्रीस्त महिमा के साथ फिर आएँगे।
2. प्रभु ने मरकर हमें अमर बनाया और पुनर्जीवित होकर हमें नवजीवन प्रदान किया। इसे हम उनके पुनरागमन तक घोषित करते रहेंगे।
3. हे प्रभु, जब कभी हम यह रोटी खाते, और यह कटोरा पीते हैं, तेरे पुनरागमन तक तेरी मृत्यु की घोषणा करते हैं।
4. हे विश्व के उद्धारकर्त्ता, हमारा उद्धार कर। तूने अपने क्रूस तथा पुनरुत्थान के द्वारा हमें मुक्त किया है।

With hands extended, the celebrant says:

C: हे पिता, हम अपनी मुक्ति के इस पावन स्मृति-भोज में, ख्रीस्त की मृत्यु तथा अधोलोक-गमन की याद करके, उनके पुनरुत्थान तथा तेरे दाएँ उनके स्वर्गारोहण की घोषणा करते हैं। उनके महिमामय पुनरागमन की प्रतीक्षा करते हुए, हम तुझे ख्रीस्त का शरीर तथा रक्त चढ़ाते हैं। यह बलिदान तुझे सुग्राह्य तथा समस्त संसार के लिए मुक्तिदायी है। हे दयानिधि, इस बलि पर कृपादृष्टि डाल, जिसे तूने अपनी कलीसिया के लिए तैयार किया है। यह वर दे कि जो लोग यह रोटी खाएँ और यह कटोरा पीएँ वे सब पवित्र आत्मा के प्रभाव से - एक शरीर बन जाएँ, तथा ख्रीस्त के साथ जीवंत बलि के रूप में तेरा महिमा-गान करें।

c: इसलिए, हे पिता, कृपया अब उन सब की सुधि ले, जिनके लिए हम तुझे यह बलि चढ़ाते हैं : सर्वप्रथम अपने सेवक हमारे संत पिता............ हमारे धर्माध्यक्ष.................., (तेरे इस दीन सेवक) तथा समस्त कलीसिया के धर्माध्यक्षों और पुरोहितों की सुधि ले। इन सब का भी स्मरण कर, जो सच्चे हृदय से तेरी खोज करते हैं। उन लोगों की भी सुधि ले, जो ख्रीस्त की शांति में परलोक सिधार चुके हैं और उन मृतकों को भी न भूल, जिनकी धर्मनिष्ठ केवल तू जानता है।

c: हे परम दयालु पिता, हम तेरे पुत्र-पुत्रियाँ हैं; हमें यह वर दे कि ईश्वर की माता धन्य कुँवारी मरियम, उनके वर संत यूसुफ और प्रेरितों तथा संतो के साथ, हम स्वर्गिक आनंद प्राप्त कर सकें। तब हम पाप और मृत्यु के अभिशाप से मुक्त होकर तेरे राज्य में समस्त सृष्टि के साथ, अपने प्रभु ख्रीस्त के द्वारा तेरा यशोगान करेंगे,

He joins his hands.

जिन से संसार को सब दान प्राप्त होते हैं।

The celebrant takes the chalice and the paten with the host(s), and lifting them up, sings or says in a clear voice

cc इन्हीं प्रभु ख्रीस्त के द्वारा इन्हीं के साथ और इन्हीं में, हे सर्वषक्तिमान पिता परमेष्वर, पवित्र आत्मा के साथ, तुझे समादर तथा महिमा युगानुयुग मिलती रहती है।

सब: आमेन।

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