यूखरिस्तीय प्रार्थना - 10 D

कल्याणकारी प्रभु येसु ख्रीस्त

Form D of this prayer is appropriate at Masses for refugees and emigrants, in times of famine, for those who harass us, for people who are jailed, for the sick and the dying, to obtain the grace of a good death, and in various other needs.
Preface:

पु. - प्रभु आप लोगों के साथ हो।

सब - और आपके साथ भी।

पु. - प्रभु में मन लगाइए।

सब - हम प्रभु में मन लगाए हुए है।

पु. - हम अपने प्रभु ईश्वर को धन्यवाद दें।

सब - यह उचित और आवश्यक है।

पु. - हे विश्वसनीय एवं दयामय पिता ईश्वर, यह परम उचित है, हमारा कर्त्तव्य तथा कल्याण है कि हम तुझे सदा और सर्वत्र धन्यवाद दें। तूने हमारे मुक्तिदाता और प्रभु येसु ख्रीस्त को हमारे बीच भेजा। वे गरीबों, पीड़ितों, निर्बलों, बीमारों तथा पापियों के लिए करुणा-मूर्त्ति और शोषितों के हमदर्द बने। उन्होंने अपने वचन और कर्म से संसार में यह घोषित किया कि तू ही हम सबका पिता और पालनहार है। इसलिए, सभी दूतों और संतों के साथ हम तेरी महिमा के लिये आनन्द के गीत गाते हैं:

Sanctus:

सब - पवित्र, पवित्र, पवित्र! प्रभु, विश्वमण्डल के ईश्वर! स्वर्ग और पृथ्वी तेरी महिमा से परिपूर्ण है। स्वर्ग में प्रभु की जय! धन्य हैं वे जो प्रभु के नाम पर आते हैं। स्वर्ग में प्रभु की जय!

The priest, with hands extended, says:

पु. - हे प्रभु ईश्वर, तू सचमुच पवित्र और सर्वथा प्रशंसा के योग्य है। हमारी जीवन-यात्रा में तेरा अनन्य प्रेम हमारा साथ देता है। धन्य है तेरा पुत्र जो हमारे बीच उपस्थित है और जो अपने प्रेम से हमें एकत्रित करता है। जिस प्रकार येसु ख्रीस्त ने अपने शिष्यों के लिए धर्मग्रंथ के रहस्यों को खोला और रोटी तोड़ी, उसी प्रकार वे हमारे लिए भी करते हैं।

The priest joins his hands, and, holding them outstretched over both bread and chalice, says:

पु. - इसलिए, हे दयामय पिता, हम तुझसे निवेदन करते हैं कि तू अपने पवित्र आत्मा को भेज दे कि वह रोटी और दाखरस के इन उपहारों को पवित्र करे + जिससे वे हमारे प्रभु येसु ख्रीस्त के शरीर तथा रक्त बन जाएँ।

Narrative of the institution:

पु. - अपने दुःखभोग तथा मृत्यु की पूर्व संध्या में अपने प्रिय जनों के साथ भोजन करते समय उन्होंने रोटी ली, तुझे धन्यवाद दिया और रोटी तोड़कर उसे अपने शिष्यों को देते हुए कहा - ’’तुम सब इसे लो और खाओ, यह मेरा शरीर है जो तुम्हारे लिए बलि चढ़ाया जाएगा।’’

The priest shows the Host to the faithful, places it on the altar and genuflects (or bows). Then he takes the chalice and says:

पु. - इसी भाँति भोजन के बाद उन्होंने कटोरा लिया तुझे पुनः धन्यवाद दिया और उसे अपने शिष्यों को देते हुए कहा - ’’तुम सब इसे लो और पीओ, यह मेरे रक्त का कटोरा है, नवीन और अनन्त व्यवस्थान का रक्त तो तुम्हारे और सब के पापों की क्षमा के लिए बहाया जाएगा। तुम मेरी स्मृति में यह किया करो।’’

He shows the chalice to the faithful, places it on the altar, genuflects (or bows), and says:

पु. - यह है हमारे विश्वास का रहस्य! ख्रीस्त मर गए! ख्रीस्त जी उठे! ख्रीस्त महिमा के साथ फिर आएँगे।

The priest, with hands extended, continues:

पु. - इसलिए, हे परम पावन पिता, हम तेरे पुत्र, अपने मुक्तिदाता येसु ख्रीस्त का स्मरण कर रहे हैं, जिनको तूने दुःखभोग और क्रूस-मरण के द्वारा पुनरुत्थान की महिमा तक पहुँचाया और अपने दाहिने बैठाया। जीवन की यह रोटी और आशीर्वाद का प्याला चढ़ाते हुए हम अपने प्रभु येसु के पुनरागमन तक तेरे प्रेम-कार्यों की घोषणा करते हैं। अपनी कलीसिया के इस चढ़ावे पर दयादृष्टि कर। हम पास्का के मेमने ख्रीस्त का बलिदान संपन्न करते हैं। यह वर दे कि तेरे प्रेम-आत्मा के सामर्थ्य से इस पावन शरीर तथा रक्त के सहभागी होकर हम अब और अनन्त काल तक येसु के अंग बन जाएँ। हे प्रभु, तू अपनी कलीसिया को, संत पिता..............(नाम), हमारे धर्माध्यक्ष..........(नाम), और सभी धर्माध्यक्षों, याजकों, उपयाजकों तथा उन सब के साथ जिन्हें तेरे पुत्र ने अपने रक्त से मोल लिया है, विश्वास और प्रेम में पूर्ण बना दे। सब लोगों की आवश्यकताओं के प्रति हमारी आँखें खोल दे। हमें वचन और कर्म की ऐसी प्रेरणा दे कि हम थके-माँदे और बोझ से दबे हुओं को सान्तवना दें। प्रभु ख्रीस्त के उहारण और आज्ञा के अनुसार हम दूसरों की सेवा में विश्वसनीय पाए जाएँ। तू अपनी कलीसिया को सत्य और स्वतंत्रता तथा न्याय और शांति का जीवन साक्षी बना दे जिससे सभी लोग एक नवीन आषा से संचालित हों। हम अपने उन भाई-बहनों के लिए प्रार्थना करते हैं, विशेषकर भाई/बहन...........................(नाम) के लिए, जो ख्रीस्त की शांति में सोए हुए हैं। सभी मृत विश्वासियों की सुधि ले जिनका विश्वास केवल तू जानता है। पुनरुत्थान की पूर्णता तक उन्हें पहुँचा दे और अपने आनन्द से उन्हें भर दे। जब हमारी इहलोक की जीवन-यात्रा समाप्त होगी तू अपने स्वर्गधाम में हमारा स्वागत कर जहाँ हम तेरे साथ सदा निवास कर सकें। वहाँ ईश-माता धन्य कुँवारी मरियम, प्रेरितगण, शहीदों, संत..................(नाम) और सभी संतों के साथ हम तेरे नाम की महिमा करें और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा तेरी प्रषंसा करें।

The priest joins his hands, takes the chalice and the paten with the Host, and lifting them up, sings or says:

पु. - इन्हीं प्रभु ख्रीस्त के द्वारा, इन्हीं के साथ और इन्हीं में हे सर्वशक्तिमान् पिता ईश्वर, पवित्र आत्मा के साथ, तुझे समादर तथा महिमा युगानुयुग मिलती रहती है।

सब - आमेन।

The priest joins his hands, takes the chalice and the paten with the Host, and, lifting them up, sings or says:

पु. - इन्हीं प्रभु ख्रीस्त के द्वारा, इन्हीं के साथ और इन्हीं में
हे सर्वशक्तिमान् पिता ईश्वर, पवित्र आत्मा के साथ,
तुझे समादर तथा महिमा युगानुयुग मिलती रहती है।

सब - आमेन।

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