1आठवें दिन मूसा ने हारून, उसके पुत्रों और इस्राएलियों के नेताओं को बुलाया और उसने हारून से कहा, 2''प्रायश्चित-बलि के लिए एक बछड़ा और होम-बलि के लिए एक मेमना ले आओ। वे दोनों अदोष हों। उन्हें प्रभु के सामने अर्पित करो। 3इस्राएलियों से कहा प्रायश्चित-बलि के लिए एक बकरा और होम बलि के लिए एक बछड़ा और एक भेड़ ले आओ। दोनों एक वर्ष के और अदोष हों। 4प्रभु को शान्ति-बलि चढ़ाने के लिए एक बछड़ा और एक मेढ़ा और तेल-मिश्रित एक अन्न-बलि ले आओ; क्योंकि तुम लोगों को आज प्रभु के सामने उपस्थित होना है। 5मूसा के आदेश के अनुसार इस्राएली यह सब दर्शन-कक्ष के द्वार पर ले आये। समस्त समुदाय एकत्र हो कर प्रभु के सामने उपस्थित हुआ। 6तब मूसा ने कहा, प्रभु ने तुम लोगों को यह आदेश दिया, जिससे तुम्हें प्रभु की महिमा दिखाई दे। 7उसने हारून से कहा, ''वेदी के पास जा कर अपनी प्रायश्चित-बलि और अपनी होम-बलि चढ़ाओ। अपने लिए और समुदाय के लिए प्रायश्चित की विधि सम्पन्न करो। जैसा कि प्रभु ने आदेश दिया है, तुम समुदाय का चढ़ावा भी अर्पित करो और उसके लिए प्रायश्चित की विधि सम्पन्न करो।'' 8तब हारून वेदी के पास गया और अपने लिए प्रायश्चित-बलि के रूप में बलि-पशु का वध किया। 9हारून के पुत्र उसका रक्त उसके पास ले आये, उसने उस में उँगली रख कर उसे वेदी के सींगों पर लगाया और शेष रक्त वेदी के निचले भाग पर उँड़ेला। 10उसने बलि पशु की चरबी, गुरदे और जिगल की झिल्ली वेदी पर जलायी, जैसा कि प्रभु ने मूसा को आदेश दिया था। 11उसने उसका मांस और उसकी चरबी शिविर के बाहर जलायी। 12इसके बाद उसने होम-बलि के पशु का वध किया। हारून के पुत्र उसका रक्त उसके पास आये और उसने उसे वेदी के चारों ओर छिड़का। 13इसके बाद उन्होंने उसे बलि-पशु के मांस के टुकड़े और सिर दिया और उसने उन्हें वेदी पर जलाया। 14उसने उसकी अँतड़ियाँ और टाँगें पानी से धो कर उन्हें भी वेदी पर जलाया। 15इसके बाद उसने समुदाय का चढ़ावा अर्पित किया। उसने समुदाय के लिए प्रायश्चित का मेढ़ा ले आने का, उसका वध किया और उसे पहले पशु की तरह प्रायश्चित-बलि के रूप में चढ़ाया। 16उसने होम-बलि को भी निर्धारित विधि के अनुसार सम्पन्न किया। 17इसके बाद उसने प्रातःकाल की होम-बलि के अतिरिक्त अन्न-बलि चढ़ायी और उसमें से मुट्ठी भर वेदी पर जलाया। 18उसने समुदाय के लिए शान्ति-बलि के रूप में बछड़े और मेढ़े का वध किया। उसके पुत्रों ने उसे उसका रक्त दिया और उसने उसे वेदी के चारों ओर छिड़का। 19उन्होंने बछड़े और मेढ़े की चरबी - मोटी पूँछ, अँतड़ियों के आसपास की चरबी, गुरदे और जिगर की झिल्ली- 20यह सब वेदी पर सीने के ऊपर रखा और इसके बाद हारून ने चरबी को वेदी पर जलाया। 21हारून ने सीना और दाहिनी जाँघ को प्रभु के सामने हिला-हिला कर अर्पित किया, जैसा कि मूसा ने आदेश दिया था। 22हारून ने इस प्रकार प्रायश्चित-बलि, होम-बलि और शान्ति-बलि की विधि सम्पन्न करने के बाद अपने हाथ समुदाय की ओर फैला कर लोगों को आशीर्वाद दिया। तब वह नीचे उतरा 23और उसने मूसा के साथ दर्शन-कक्ष में प्रवेश किया। बाद में दोनों ने बाहर निकल कर लोगों को आशीर्वाद दिया। उस समय प्रभु की महिमा सारे समुदाय को दिखाई दी। 24प्रभु के सामने से अग्नि निकली और उसने वेदी पर रखी होम-बलि और चरबी को भस्म कर दिया। लोगों ने यह देख कर जयकार किया और मुँह के बल गिर कर प्रणाम किया।