1प्रभु ने मूसा से कहा, 2''इस्राएलियों से कहो यदि कोई स्त्री पुत्र प्रसव करेगी, तो वह सात दिन तक अशुद्ध रहेगी, जैसे वह ऋतुकाल में अशुद्ध रहती है। 3आठवें दिन पुत्र का ख़तना किया जायेगा। 4इसके बाद वह प्रसव के रक्तत्राव से तैंतीस दिन तक अशुद्ध रहेगी। जब तक उसके शुद्ध होने के दिन पूरे नहीं हो जायेंगे, तब तक वह न तो किसी पवित्र वस्तु का स्पर्श करेगी और न पवित्रस्थान में प्रवेश करेगी। 5यदि वह कन्या प्रसव करेगी, तो वह दो सप्ताह तक अशुद्ध रहेगी, जैसे वह ऋतुकाल में अशुद्ध रहती है। वह प्रसव के रक्तस्त्राव से छियासठ दिन तक अशुद्ध रहेगी। 6जब उसके शुद्धीकरण के दिन पूरे हो जायेंगे, तब उसने चाहे पुत्र प्रसव किया हो या कन्या, वह दशर्नकक्ष के द्वार के सामने याजक के पास होमबलि के लिए एक वर्ष का मेमना और प्रायश्चितबलि के लिए एक कबूतर या एक पण्डुक लाये। 7याजक उन को प्रभु के सामने चढ़ा कर उसके लिए प्रायश्चितविधि सम्पन्न करेगा। इस प्रकार वह प्रसव के रक्तस्त्राव से शुद्ध हो जायेगी। यही पुत्र या कन्या प्रसव करने वाली स्त्री के नियम है। 8यदि वह एक मेमना न चढ़ा सके, तो वह दो पण्डुक या दो कबूतर चढ़ाये एक होमबलि के लिए और एक प्रायश्चितबलि के लिए। इस प्रकार याजक उसके लिए प्रायश्चितविधि सम्पन्न करेगा और वह शुद्ध हो जायेगी।