1शेबा नामक एक अयोग्य व्यक्ति था। वह बेनयामीनवंशी बिक्री का पुत्र था। वह सिंगा बजाकर कहने लगा, "दाऊद से हमारा कोई सम्बन्ध नहीं। यिशय के पुत्र के साथ हमारा कुछ लेना-देना नहीं। इस्राएलियों! तुम अपने घर लौट जाओ!" 2इस पर सभी इस्राएली दाऊद से अलग होकर बिक्री के पुत्र शेबा के अनुगामी हो गये। लेकिन यूदा वाले अपने राजा के साथ ही रहे और उसे यर्दन से येरूसालेम ले गये। 3जब दाऊद ने येरूसालेम में अपने महल में प्रवेश किया, तो उसने उन दस उपपत्नियों को एक सुरक्षित घर में रख दिया, जिन्हें वह महल की देखरेख करने छोड़ गया था। उसने उनके खाने-पहनने का प्रबन्ध कर दिया, परन्तु वह उनके पास नहीं गया। वे अपनी मृत्यु तक विधवा का जीवन बिताते हुए अपने घर में कैद रहीं। 4इसके बाद राजा ने अमासा को आज्ञा दी कि तुम तीन दिन के अन्दर यूदा वालों को यहाँ बुलाओं और तुम भी उपस्थित हो। 5अमासा यूदा वालों को बुलाने गया। किन्तु जब वह निश्चित समय से अधिक देर तक वहाँ रहा, 6तब दाऊद ने अबीशय से कहा, "अब बिक्री का पुत्र शेबा हमें अबसालोम से भी अधिक हानि पहुँचायेगा। तुम अपने स्वामी के आदमियों को ले कर उसका पीछा करो। नहीं तो वह क़िलाबन्द नगरों में छिप जायेगा और हमारी पकड़ से निकल भागेगा।" 7इस पर अबीशय के साथ योआब, करेती, पलेती और सब वीर योद्धा बिक्री के पुत्र शेबा का पीछा करने येरूसालेम से चल दिये। 8वे गिबओन के बड़े पत्थर के पास पहुँचे ही थे कि अमासा उधर से उनके पास आया। योआब अपने सैनिक वस्त्र पहने था। उसकी कमर में म्यान-सहित तलवार लटक रही थी। जब वह आगे झुका, तो तलवार म्यान से गिर गयी। 9योआब ने अमासा से पूछा, "मेरे भाई, सकुशल तो हो?" और उसे चुम्बन देने के लिए योआब ने अपने दाहिने-हाथ से अमासा की दाढ़ी पकड़ी। 10अमासा का ध्यान योआब के हाथ की तलवार पर नहीं गया। इसलिए योआब ने उसे उसके पेट में भोंक दिया और उसकी अँतड़ियाँ बाहर ज़मीन पर गिर गयीं। उस पर दूसरा वार करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उसकी मृत्यु तत्काल हो गयी। इसके बाद योआब ने अपने भाई अबीशय के साथ बिक्री के पुत्र शेबा का पीछा किया। 11योआब के आदमियों में एक ने अमासा के पास खड़े हो कर पुकारा, "जो योआब के साथ है और जो दाऊद के पक्ष में है, वह योआब के पीछे आये"। 12अमासा खून से लथपथ होकर लोटते-लोटते मार्ग पर पड़ा था। जब उस आदमी ने देखा कि सब लोग अमासा को देख कर रुक जाते हैं, तो उसने अमासा को मार्ग से हटा कर खेत में घसीटा और उस को एक वस्त्र से ढक दिया। 13उसे मार्ग से हटाने के बाद सब कोई बिक्री के पुत्र शेबा का पीछा करने के लिए योआब के पीछे-पीछे चल दिये। 14शेबा इस्राएल के सब वंशों को पार कर बेत-माका के आबेल आ गया। बिक्री के सभी पक्षधर एकत्रित हो कर उसे पीछे हो लिये। 15योआब के सब लोगों ने आ कर उसे बेत-माका के आबेल में घेर लिया। उन्होंने नगर के विरुद्ध मोरचाबन्दी की, जो क़िले की दीवार तक थी और दीवार को गिराने का प्रयत्न किया। 16तब एक बुद्धिमती स्त्री ने नगर से पुकारा, "सुनो, सुनो! योआब को इधर आने के लिए कहो। मैं उस से बातचीत करना चाहती हूँ।" 17वह उस स्त्री के पास गया, तो वह पूछने लगी, "क्या तुम्हीं योआब हो?" उसने उत्तर दिया, "हाँ, मैं ही हूँ"। तब वह बोली, "अपनी इस दासी की बात पर ध्यान दो।" उसने कहा, "मैं सुन रहा हूँ।" 18वह बोली, "प्राचीन काल में यह कहावत थी कि सलाह लेना हो, तो आबेल जाओ, और लोग इस प्रकार अपनी समस्याओं का समाधान करते थे। 19हम तो शान्तिप्रिय और ईमानदार इस्राएली हैं। तुम एक ऐसे नगर का विनाश करना चाहते हो, जो इस्राएल का एक महानगर है। तुम प्रभु के दायभाग का अपहरण क्यों करना चाहते हो?" 20योआब ने उत्तर दिया, "अपहरण और विनाश मुझसे कोसों दूर हैं। 21बात ऐसी नहीं है। एफ्रईम के पहाड़ी प्रदेश के बिक्री के पुत्र शेबा ने राजा दाऊद के विरुद्ध विद्रोह किया है। केवल उसे हमारे हवाले कर दो और मैं नगर से चला जाऊँगा।" स्त्री ने उत्तर दिया, "उसका सिर दीवार के ऊपर से तुम्हारे पास फेंक दिया जायेगा।" 22इसके बाद उस स्त्री ने अपनी विवेकपूर्ण बातों से सब लोगों को समझाया और उन्होंने बिक्री के पुत्र शेबा का सिर काट कर योआब के पास फेंक दिया। इस पर योआब ने तुरही बजवायी और सब लोग नगर छोड़ कर अपने-अपने घर लौटे। योआब राजा के पास येरूसालेम लौट आया। 23योआब इस्राएल की समस्त सेना का अध्यक्ष था। यहोयादा का पुत्र बनाया करेतियों और पलेतियों का सेनाध्यक्ष था। 24अदोराम बेगारियों का अध्यक्ष था। अहीलूद का पुत्र यहोशाफ़ाट अभिलेखी था। 25शया सचिव था। सादोक और एबयातेर याजक थे। 26याईरी ईरा दाऊद का याजक था।