1पुकारो! किंतु तुम को उत्तर नहीं मिलेगा। तुम संतों में से किसकी दुहाई दोगे? 2द्वेष ही मूर्ख की जान लेता हैं। ईर्ष्या ही नासमझ को मारती है। 3मैंने मूर्ख को जड़ पकड़ते देखा है, किंतु उसके घर पर अचानक अभिशाप पड़ा। 4उसके पुत्र सुरक्षित नहीं रहते और सहारे के अभाव में कचहरी में कुचले जाते हैं। 5भूखा उसकी फसल खा जाता है, बल्कि काँटों की बाड़ में से उसे निकालता है। प्यासा उसकी सम्पत्ति के लिए मचल जाता है; 6क्योंकि विपत्ति मिट्टी में से नहीं उगती और दुःख भूमि पर उत्पन्न नहीं होता। 7जिस तरह चिनगारियाँ ऊपर उड़ती हैं, उसी तरह मनुष्य दुःख के लिए जन्म लेता है। 8यदि मैं होता, तो मैं ईश्वर की दुहाई देता और अपना मामला उसके सामने पेश करता 9वह अबोधगम्य महान् कार्य करता और असंख्य चमत्कार दिखाता है। 10वह पृथ्वी पर पानी बरसाता और खेतों को सींचता है। 11वह दीनों को ऊपर उठाता हैं और दुःखियों को सुख-शांति देता है। 12वह धूर्ताें के षड्यंत्र व्यर्थ करता है, जिससे उन्हें सफलता नहीं मिलती। 13वह चतुरों को उनकी चतुराई में फाँसता और कपटियों की योजनाएं मिटा देता है। 14अंधकार उन्हें दिन में ही घेर लेता है और वे दोपहर को रात की तरह टटोलते-फिरते हैं। 15उसनें दरिद्र को उनकी तलवार, उनके दाँतों, उनके चंगुल से बचा लिया है। 16इस प्रकार निर्बल आशा नहीं छोड़ता और अन्याय का मुँह बंद हो जाता है। 17धन्य वह मनुष्य, जिसे ईश्वर सुधारता है! इसलिए तुम सर्वशक्तिमान् के अनुशासन की उपेक्षा मत करो; 18क्योंकि वह घायल करने के बाद पट्टी बाँधता हैं। उसके हाथ मारते भी है और चंगा भी करते हैं। 19वह छः विपत्तियों से तुम्हारी रक्षा करेगा और सातवीं तुम्हें कोई हानि नहीं पहुँचायेगी। 20वह अकाल में तुम को मृत्यु से बचायेगा और युद्ध में तलवार के आघात से। 21तुम जीभ के कीड़े से सुरक्षित होगे और आने वाली विपत्तियों से नहीं डरोगे। 22तुम विनाश और अकाल का उपहास करोगे; तुम्हें पृृथ्वी के पशुओं से भय नहीं होगा। 23खेत के पत्थरों से तुम्हारी सन्धि होगी और जंगल के बनैले पशु तुमसे मेल रखेंगे। 24तुम देखोगे कि तुम्हारे तम्बू में शांति है; अपने पशुओं की गिनती करने पर तुम्हें एक भी कम नहीं मिलेगा। 25तुम देखोगे कि तुम्हारी संतति बहुसंख्यक होगी, तुम्हारे वंशज पृथ्वी की घास की तरह होंगे। 26जिस तरह फसल के समय पूले बखार में रखे जाते हैं, उसी तरह तुम्हें अच्छी पकी उमर में कब्र में दफनाया जायेगा। 27हमने इन बातों की जाँच की हैः यही सच है। इन बातों पर ध्यान दो और लाभ उठाओ।