1(1-2) हमारे प्रिय भाई और सहयोगी फिलेमोन, हमारी बहन अप्पिया, संघर्ष में हमारे साथी अरखिप्पुस और आपके घर में एकत्र होने वाली कलीसिया के नाम ईसा मसीह के कारण कैदी पौलुस और हमारे भाई तिमथी का पत्र। 3हमारा पिता ईश्वर और प्रभु ईसा मसीह आप लोगों को अनुग्रह तथा शान्ति प्रदान करें। 4जब-जब मैं अपनी प्रार्थनाओं में आपका स्मरण करता हूँ, तो ईश्वर को सदा धन्यवाद देता हूँ; 5क्योंकि प्रभु ईसा और सब सन्तों के प्रति आपके प्रेम तथा विश्वास की चर्चा सुनता रहता हूँ। 6मेरी यह प्रार्थना है कि विश्वास में आपकी सहभागिता सक्रिय हो और आप को यह ज्ञान प्रदान करे कि हम मसीह के लिए कौन-कौन भले काम करने में समर्थ हैं। 7भाई! मुझे यह जान कर बड़ा आनन्द हुआ और सान्त्वना मिली कि आपने अपने भ्रातृ-प्रेम द्वारा विश्वासियों का हृदय हरा कर दिया है। 8इसलिए, यद्यपि मुझे आप को अपने कर्तव्य का स्मरण दिलाने का पूरा अधिकार है, 9फिर भी मैं भ्रातृप्रेम के नाम पर आप से प्रार्थना करना अधिक उचित समझता हूँ। मैं पौलुस, जो बूढ़ा हो चला और आजकल ईसा मसीह के कारण कै़दी भी हूँ, 10ओनेसिमुस के लिए आप से प्रार्थना कर रहा हूँ। वह मेरा पुत्र है, क्योंकि मैं कैद में उसका आध्यात्मिक पिता बन गया हूँ। 11आप को पहले ओनेसिमुस से कोई विशेष लाभ नहीं हुआ था। अब वह आपके लिए भी ’उपयोगी’ बन गया है और मेरे लिए भी। 12मैं अपने कलेजे के इस टुकड़े को आपके पास वापस भेज रहा हूँ। 13मैं जो सुसमाचार के कारण कैदी हूँ, इसे यहाँ अपने पास रखना चाहता था, जिससे यह आपके बदले मेरी सेवा करे। 14किन्तु आपकी सहमति के बिना मैंने कुछ नहीं करना चाहा, जिससे आप यह उपकार लाचारी से नहीं, बल्कि स्वेच्छा से करें। 15ओनेसिमुस शायद इसलिए कुछ समय तक आप से ले लिया गया था कि वह आप को सदा के लिए प्राप्त हो, 16अब दास के रूप में नहीं, बल्कि दास से कहीं, बढ़ कर-अतिप्रिय भाई के रूप में। यह मुझे अत्यन्त प्रिय है और आप को कहीं अधिक -मनुष्य के नाते भी और प्रभु के शिष्य के नाते भी। 17इसलिए यदि आप मुझे धर्म-भाई समझते हैं, तो इसे उसी तरह अपनायें, जिस तरह मुझे। 18यदि आप को इस से कोई हानि हुई है या इस पर आपका कुछ कर्ज़ है, तो मेरे खर्चें में लिखें। 19मैं, पौलुस, अपने हाथ से लिख रहा हूँ-मैं उसे चुका दूँगा। क्या मैं आप को इसका स्मरण दिलाऊँ कि आप पर भी मेरा कुछ कर्ज़ है- आप तो मेरे ही हैं। 20भाई! प्रभु के नाम पर मुझे आप से कुछ लाभ हो। आप मसीह के कारण मेरा हृदय हरा कर दें। 21मैं यह जान कर आपकी आज्ञाकारिता पर पूरे भरोसे के साथ लिख रहा हूँ कि मैं जो प्रार्थना कर रहा हूँ, आप उस से भी अधिक करेंगे। 22एक बात और। आप मेरे रहने का प्रबन्ध करें, क्योंकि मुझे आशा है कि आपकी प्रार्थनाओं के फलस्वरूप मैं फिर आप लोगों से मिलने आऊँगा। 23एपाफ़ास, जो ईसा मसीह के कारण मेरे साथ क़ैदी है, 24और मेरे सहयोगी मारकुस, आरिस्तार्खुस, देमास और लूकस आप को नमस्कार कहते हैं। 25प्रभु ईसा मसीह की कृपा आप लोगों पर बनी रहे!