1आप लोगों में द्वेष और लड़ाई-झगड़ा क्यों? क्या इसका कारण यह नहीं है कि आपकी वासनाएं आपके अन्दर लड़ाई करती हैं? 2आप अपनी लालसा पूरी नहीं कर पाते और इसलिए हत्या करते हैं। आप जिस चीज़ के लिए ईर्ष्या करते हैं, उसे नहीं पाते और इसलिए लड़ते-झगड़ते हैं। आप प्रार्थना नहीं करते, इसलिए आप लोगों के पास कुछ नहीं होता। 3जब आप माँगते भी हैं, तो इसलिए नहीं पाते कि अच्छी तरह प्रार्थना नहीं करते। आप अपनी वासनाओं की तृप्ति के लिए धन की प्रार्थना करते हैं। 4कपटी और बेईमान लोगो! क्या आप यह नहीं जानते कि संसार से मित्रता रखने का अर्थ है ईश्वर से बैर करना? जो संसार का मित्र होना चाहता है, वह ईश्वर का शत्रु बन जाता है। 5क्या आप समझते हैं कि धर्मग्रन्थ अकारण कहता है कि ईश्वर ने जिस आत्मा का हम में समावेश किया, वह उस को अपने लिए ही चाहता है? 6इसलिए वह हमें प्रचुर मात्रा में अनुग्रह देता है, जैसा कि धर्मग्रन्थ में लिखा है- ईश्वर धमण्डि़यों का विरोध करता, किन्तु विनीतों को अनुग्रह प्रदान करता है। 7आप लोग ईश्वर के अधीन रहें। शैतान का सामना करें और वह आपके पास से भाग जायेगा। 8ईश्वर के पास जायें और वह आपके पास आयेगा। पापी! अपने हाथ शुद्ध करें। कपटी! आपना हृदय पवित्र करें। 9अपनी दुर्गति पहचान कर शोक मनायें और आंसू बहायें। आपकी हंसी शोक में और आपका आनन्द विषाद में बदल जाये। 10प्रभु के सामने दीन-हीन बनें और वह आप को ऊँचा उठायेगा। 11भाइयो! आप एक दूसरे की निन्दा नहीं करें। जो अपने भाई की निन्दा करता या अपने भाई का न्याय करता है, वह संहिता की निन्दा और न्याय करता है। यदि आप संहिता का न्याय करते हैं, तो आप संहिता के पालक नहीं, बल्कि न्यायकर्ता बन बैठते हैं। 12केवल एक ही विधायक और एक ही न्यायकर्ता है, जो बचाने और नष्ट करने में समर्थ है। अपने पड़ोसी का न्याय करने वाले आप कौन हैं? 13आप लोग जो यह कहते हैं, "हम आज या कल अमुक नगर जायेंगे, एक वर्ष तक वहाँ रह कर व्यापार करेंगे और धन कमायेंगे", मेरी बात सुनें। 14आप नहीं जानते कि कल आपका क्या हाल होगा। आपका जीवन एक कुहरा मात्र है- वह एक क्षण दिखाई दे कर लुप्त हो जाता है। 15आप लोगों को यह कहना चाहिए, "यदि ईश्वर की इच्छा होगी, तो हम जीवित रहेंगे और यह या वह काम करेंगे"। 16किन्तु आप अपनी धृष्टता पर घमण्ड करते हैं। इस प्रकार का घमण्ड बुरा है। 17जो मनुष्य यह जानता है कि उसे क्या करना चाहिए, किन्तु नहीं करता, उसे पाप लगता है।