रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031

विवरण: 24 अगस्त

 Jayesu Hindi Catholic Website

अगस्त 24

संत बार्थोलोमी

संत योहन के सुसमाचार में, बार्थोलोमी को नथानिएल के नाम से जाना जाता है। वे गलीलिया के काना के रहने वाले थे और वे प्रभु द्वारा बुलाए गए पहले शिष्यों में से एक थे। उस प्रारंभिक मुलाकात में येसु ने उनकी महिमामयी प्रशंसा कीः ‘‘देखो, यह एक इस्राएली है, जिसमें कोई कपट नहीं है!‘‘ पुनरुत्थान के बाद वे उन कुछ प्रेरितों में से एक बने थे, जिन्होंने गलीलिया के समुद्र पर पुनर्जीवित उद्धारकर्ता के प्रकट होने को देखा था (योहन 21:2)। कहा जाता है कि स्वर्गारोहण के बाद उन्होंने ग्रेटर आर्मेनिया में प्रचार किया और वहाँ शहीद हो गए। जीवित रहते हुए ही, उनकी त्वचा को उनके शरीर से उतार दिया गया था। अर्मेनियाई लोग अपने राष्ट्र के प्रेरित के रूप में उन्हें सम्मानित करते हैं। उनके अवशेषों के परिणाम के बारे में, शहीदगाथा कहती हैं: ‘‘उनके पवित्र शरीर को पहले लिपारी द्वीप (सिसिली के उत्तर) में ले जाया गया, फिर बेनेवेंतो, और अंत में रोम में तिबेर में एक द्वीप पर जहां इसे पवित्र भक्ति के साथ विश्वासीयों द्वारा सम्मानित किया जाता है।‘‘

आर्मेनियाई कलीसिया की एक राष्ट्रीय परंपरा है कि संत जूड थडेयुस और संत बार्थोलोमी ने पहली शताब्दी की शुरुआत में अर्मेनियाई लोगों का दौरा किया और अहुरा मज़्दा देवता के उपासकों के बीच ख्रीस्तीय धर्म का परिचय दिया था। नया विश्वास पूरे देश में फैल गया, और 302 ईस्वी में, संत ग्रेगरी द इल्यूमिनेटर ने अपने कई अनुयायियों के साथ आर्मेनिया के राजा, डेर्टाड महान को बपतिस्मा दिया था। चूंकि डेर्टाड शायद अपने राष्ट्र के लिए ख्रीस्तीय धर्म अपनाने वाले पहले शासक थे, अर्मेनियाई लोग गर्व से दावा करते हैं कि वे पहले ख्रीस्तीय राज्य थे। संत बार्थोलोमी के बुकबाइंडिंग करने वालों, कसाई, मोची, फॉरेनटाइन नमक व्यापारी, चमड़े के श्रमिक, आदि कें संरक्षक है।


Copyright © www.jayesu.com
Praise the Lord!