अपर सन्ध्या-वन्दना

वर्ष का सामान्य रविवार - 13


अगुआ : हे ईश्वर, हमारी सहायता करने आ जा।

समूह : हे प्रभु, हमारी सहायता करने शीघ्र ही आ जा।


अगुआ : पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।

समूह : जैसे वह आदि में थी, अब है और अनन्त काल तक। आमेन।


मंगलगान


तेरा नूर जग में समाया हुआ है।
सकल विश्व तेरा बनाया हुआ है।

बने हैं तुझी से ये आकाश धरती।
सभी ओर जलवा समाया हुआ है।

चमकते हैं दुनिया में चंदा व सूरज।
तेरी ज्योति से जगमगाया हुआ है।

गावें हमेशा तेरे गीत स्वामी
तू ही मेरे दिल में समाया हुआ है।

अग्र. 1 : प्रभु सियोन से अपना शक्तिशाली राजदंड भेजेगा और सदा-सर्वदा शासन करेगा।


स्तोत्र 109:1-5,7 मसीह : राजा और याजक।


प्रभु ने मेरे प्रभु ने कहा: "तुम मेरे दाहिने बैठ जाओ।
मैं तुम्हारे शत्रुओं को तुम्हारा पावदान बना दूँगा।"

ईश्वर सियोन से आपके राज्याधिकार का विस्तार करेगा।
आप दूर तक अपने शत्रुओं के देश पर शासन करेंगे।

आपकी सेना के संघटन के दिन
आपकी प्रजा आपका साथ देगी।

आपके सैनिक सुसज्जित हो कर
प्रभात की ज्योति में ओस की तरह चमकेंगे।

ईश्वर की यह शपथ अपरिवर्तनीय है
"तुम मेलखीसेदेक की तरह सदा पुरोहित बने रहोगे"।

ईश्वर आपके दाहिने विराजमान है।
जिस दिन राजा का क्रोध भड़क उठेगा,
वह अन्य राजाओं को कुचल देंगे।

वह मार्ग में जलस्रोत का पानी पी कर
अपना सिर ऊँचा करेंगे।

अग्र. :प्रभु सियोन से अपना शक्तिशाली राजदंड भेजेगा और सदा-सर्वदा शासन करेगा।

अग्र. 2 : प्रभु के सामने पृथ्वी काँप उठी; अल्लेलूया।

स्तोत्र 113-A मिस्र देश से इस्राएल की मुक्ति।


जब इस्राएल मिस्र से निकला,
जब याकूब का वंश विदेशी राष्ट्र से भाग चला,
तो यूदा प्रभु का मन्दिर बना
और इस्राएल उसका राज्य।

समुद्र यह देख कर भाग चला,
यर्दन नदी उलटी दिशा में बहने लगी।
पर्वत मेढ़ों की तरह उछल पड़े,
पहाड़ियाँ मेमनों की तरह।

समुद्र! तू क्यों भागा?
यर्दन! तू उलटी दिशा में क्यों बहने लगी?
पर्वतो! तुम मेढ़ों की तरह क्यों उछल पड़े?
पहाड़ियो! तुम मेमनों की तरह क्यों उछल पड़ी?

पृथ्वी प्रभु के सामने कम्पित हो,
याकूब के ईश्वर के सामने,
जो चट्टान को जलाशय में पथरीली भूमि को
उमड़ते स्रोत में बदल देता है।

अग्र. : प्रभु के सामने पृथ्वी काँप उठी; अल्लेलूया।

अग्र. 3 : प्रभु राजा है, हमारा ईश्वर सर्वशक्तिमान है, अल्लेलूया।


भजन स्तुति : प्रका 19:1-7


अल्लेलूया!
हमारे ईश्वर को विजय, महिमा और सामर्थ्य,
क्योंकि उसके निर्णय सच्चे और न्याय-संगत हैं। अल्लेलूया!

अल्लेलूया!
तुम सब, जो ईश्वर की सेवा करते हो
और तुम छोटे-बड़े, जो उस पर श्रद्धा रखते हो,
हमारे ईश्वर की स्तुति करो।" अल्लेलूया!

अल्लेलूया!
हमारे सर्वशक्तिमान् प्रभु-ईश्वर ने राज्याधिकार ग्रहण किया है।
हम उल्लसित हो कर आनन्द मनायें
और ईश्वर की महिमा गायें, अल्लेलूया!

अल्लेलूया!
क्योंकि मेमने के विवाहोत्सव का समय आ गया है।
उसकी दुल्हन अपना श्रृंगार कर चुकी है, अल्लेलूया!

अग्र. : प्रभु राजा है, हमारा ईश्वर सर्वशक्तिमान है, अल्लेलूया।



धर्मग्रन्थ-पाठ 2 कुरि. 1:3-4


धन्य है ईश्वर, हमारे प्रभु ईसा मसीह का पिता, परमदयालु पिता और हर प्रकार की सान्त्वना का ईश्वर। वह सारी दुःख तकलीफ़ में हम को सान्त्वना देता रहता है, जिसमें ईश्वर की ओर से हमें जो सान्त्वना मिलती है, उसके द्वारा हम दूसरों को भी, उनकी हर प्रकार की तकलीफ में सान्त्वना देने के लिए समर्थ हो जायें।

लघु अनुवाक्य : प्रभु सर्वोच्च स्वर्ग में तू धन्य है।
* युग-युग तक तेरा यशोगान होता रहेगा।
* पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।


मरियम गान


अग्र. : मानव पुत्र आत्माओं का सर्वनाश करने नहीं, उध्दार करने आया है।

"मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है,
मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है;

क्योंकि उसने अपनी दीन दासी पर कृपादृष्टि की है।
अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी;
क्योंकि सर्वशक्तिमान् ने मेरे लिए महान् कार्य किये हैं।
पवित्र है उसका नाम!

उसकी कृपा उसके श्रद्धालु भक्तों पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।
उसने अपना बाहुबल प्रदर्शित किया है,
उसने घमण्डियों को तितर-बितर कर दिया है।

उसने शक्तिशालियों को उनके आसनों से गिरा दिया
और दीनों को महान् बना दिया है।
उसने दरिंद्रों को सम्पन्न किया
और धनियों को ख़ाली हाथ लौटा दिया है।

इब्राहीम और उनके वंश के प्रति
अपनी चिरस्थायी दया को स्मरण कर,
उसने हमारे पूर्वजों के प्रति अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार
अपने दास इस्राएल की सुध ली है।"

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।
जैसे वह आदि में थी, अब है और अनन्त काल तक। आमेन।


अग्र. : मानव पुत्र आत्माओं का सर्वनाश करने नहीं, उध्दार करने आया है।

सामूहिक निवेदन


अगुआ : मसीह कलीसिया-रूपी शरीर का शीर्ष है और हम उस शरीर के अंग। इस सन्ध्या-बेला में एकत्र हुए हम उनके नाम से निवेदन करें।
समूह : तेरा राज्य आवे।
* तेरी कलीसिया राष्ट्रों के लिए ज्योति तथा लोगों को एकता में लाने के लिए तेरे सामर्थ्य का चिह्न तथा स्रोत बने – वह तेरे प्रेम के रहस्य की ओर मानव जाति को ले चले।
* कलीसिया के संत पिता और सभी धर्माध्यक्षों का पथ-प्रदर्शन कर – उन्हें प्रेम, शान्ति और एकता के वरदानोम से सम्पन्न कर।
* हे प्रभु, इस संतप्त संसार को शान्ति प्रदान कर और अपने पुत्र-पुत्रियोम को तन-मन की सुरक्षा देकर बेचैनी से उन्हें मुक्त रख।
* तेरी अनुकम्पा को उन लोगों तक पहुँचाने में हमारी सहायता कर जो दीन-हीन हैं, बीमारी से पीड़ित हैं, सगे-संबंधियों के संग-साथ से वंचित हैं और समाज से परित्यक्त हैं- आगामी सप्ताह में हम तुझे पा सकें।
* मृत विश्वासियों को महिमामय पुनरुत्थान के लिए जी उठने का वरदान दे और हम सब जीवन-यात्रा के अन्त में उनके साथ सम्मिलित हो सकें।


हे हमारे पिता ....



समापन प्रार्थना


अगुआ :हे प्रभु ईश्वर, दत्तकता की कृपा से तूने हमें ज्योति की संतान बना लिया है। इसलिए भ्रामक सिध्दान्तों का अन्धकार हमारे मन में कभी न छाये, किन्तु तेरी ज्योति हममें सदा प्रज्ज्वलित रहे और हम सदा सत्य की ज्योति में जीवन-ज्ञापन करें। हम यह निवेदन करते हैं, उन्हीं हमारे प्रभु येसु ख्रीस्त तेरे पुत्र के द्वारा जो परमेश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूह : आमेन।

अगुआ : प्रभु हमको आशीर्वाद दे, हर बुराई से हमारी रक्षा करे और हमें अनन्त जीवन तक ले चले।

समूह : आमेन।


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Praise the Lord!