हमारे बारे में

जयेसु वेबसाइट में आप का स्वागत है।

Smiley face

प्रिय दोस्तों,

सन्त पौलुस तिमथी से कहते हैं, “मैं ईश्वर को और जीवितों तथा मृतकों के न्यायकर्ता ईसा मसीह को साक्षी बना कर मसीह के पुनरागमन तथा उनके राज्य के नाम पर तुम से यह अनुरोध करता हूँ- सुसमाचार सुनाओ, समय-असमय लोगों से आग्रह करते रहो। बड़े धैर्य से तथा शिक्षा देने के उद्देश्य से लोगों को समझाओ, डाँटो और ढारस बँधाओ; क्योंकि वह समय आ रहा है, जब लोग हितकारी शिक्षा नहीं सुनेंगे, बल्कि मनमाना आचरण करेंगे और अपने पास चाटुकार उपदेशकों की भीड़ जमा करेंगे। वे सच्चाई के प्रति अपने कान बन्द करेंगे और कल्पित कथाओं के पीछे दौड़ेंगे। “ (तिमथी 4:1-3). प्रभु येसु ने अपने शिष्यों से कहा था, ''फसल तो बहुत है, परन्तु मज़दूर थोड़े हैं। इसलिए फ़सल के स्वामी से विनती करो कि वह अपनी फ़सल काटने के लिए मज’दूरों को भेजे।'' (मत्ती 9:37-38) प्रभु येसु के इस कथन से हमें ज्ञात होता है कि हमें सुसमार के प्रचार-प्रसार के लिए हर संभव प्रयत्न करते रहना चाहिए।

इसी बात से प्ररणा पाकर मैं ने इस वेबसाइट को शुरू करने का निर्णय लिया। इस बेबसाइट पर हम हिन्दी और अंग्रेज़ी में ऐसी सब सामग्रियाँ उपलब्द कराना चाहेंगे जो लोगों को प्रभु येसु को जानने तथा उनकी शिक्षा के अनुसार अपनी जीवन को ढ़ालने की प्ररणा दे सकती हैं। मैं भोपाल के भूतपूर्व महाधर्माध्यक्ष डॉ. पास्कल टोप्नोा के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करता हूँ, जिन्होंने अपनी आशिष देकर इस वेबसाईट का शुभारंभ किया था और वे मेरे लिए एक प्रेरणास्रोत हैं। काथलिक पुरोहितों, धर्मबहनों तथा लोकधर्मियों में से जो कोई प्रभु की इस इच्छा को पूरा करने के लिए मेरे साथ जुड कर इस योजना को आगे बढाना चाहते हैं, मैं आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूँ। प्रभु येसु से आपको शान्ति और आनन्द प्राप्त हो।

ख्रीस्त में आपका,

फ़ादर फ़्रांसिस स्करिया
आर्च बिशप्स हाउस,
33 अहम्मदाबाद पॉलस रोड,
भोपाल 462 001, मध्य प्रदेश
फ़ादर फ़्रांसिस स्करिया को ईमेल भेजें

About Us

Welcome to Jayesu Website

Dear Friends,

St. Paul tells Timothy, “I solemnly urge you: proclaim the message; be persistent whether the time is favorable or unfavorable; convince, rebuke, and encourage, with the utmost patience in teaching. For the time is coming when people will not put up with sound doctrine, but having itching ears, they will accumulate for themselves teachers to suit their own desires, and will turn away from listening to the truth and wander away to myths” (2Tim 4:1-4). Jesus told his disciples, "The harvest is plentiful, but the laborers are few; therefore ask the Lord of the harvest to send out laborers into his harvest."(Mt 9:37-38)

It is this concern of Jesus that motivated me to start this website. We intend to make available to the visitors whatever is possible to make Jesus known to them and to help them to mould their lives according to his teachings. I would like to place on record my sincere gratitude to Dr. Pascal Topno SJ, Archbishop Emeritus of Bhopal for inaugurating this website with his blessing and for being a source of inspiration to me. I whole-heartedly welcome all those Catholic priests, religious and lay faithful who would like to extend their assistance for the success of this endeavour.

Wishing you the joy and peace of the Lord,
Fr. Francis Scaria
C/o Archbishop’s House,
33 Ahmedabad Palace Road,
Bhopal 462 001,
Madhya Pradesh, INDIA
Send E-mail to Fr. Francis Scaria