दिव्य आगमन

ख्रीस्त जयन्ती नौरोजी प्रार्थना

christmas

फादर फ्रांसिस स्करिया

अनुवाद: फादर रोनाल्ड वॉन


पहला दिन

अगुआ: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर।

समूह: आमेन।

अगुआ: हमारे मुक्तिदाता की शांति आप सबों के साथ हो।

समूह: और आपके साथ भी।

अगुआ: प्रिय भाईयों और बहनों, येसु हमारे प्रभु और और गुरू को ग्रहण करने की तैयारी हेतु हम यहाँ एकत्रित हुये है। उनका पवित्रात्मा हमें उनके दिव्य देहधारण के रहस्य को योग्य रीति से मनाने के लिये शुद्ध हृदय एवं स्वच्छ अन्तकरण प्रदान करे।

(मनन चिंतन)

प्रार्थना

अगुआ: हम प्रार्थना करें,
हे स्वर्गिक पिता, तूने अपने एकलौते पुत्र को इस दुनिया में भेजा ताकि वे उसे नवीन बनाकर तेरे योग्य बनाये। हमारी सहायता कर कि जिस सत्य को लेकर वे आये हैं हम उसे ग्रहण करें और उसी सत्य से प्रेरित होकर जीवन बितायें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूह: आमेन।

स्तोत्र (86:1-8)

अगुआः हमारा ईश्वर हमें बचाने आयेगा, उसका नाम इम्मानुएल है।

प्रभु! मेरी प्रार्थना सुन, मुझे उत्तर दे।
मैं दरिद्र और निस्सहाय हूँ।

मेरी रक्षा कर! मैं तेरा भक्त हूँ।
तुझ पर भरोसा है, अपने दास का उद्धार कर।

प्रभु! तू ही मेरा ईश्वर है। मुझ पर दया कर।
मैं दिन भर तुझे पुकारता हूँ।

प्रभु! अपने दास को आनन्द प्रदान कर,
क्योंकि मैं अपनी आत्मा को तेरी ओर अभिमुख करता हूँ।

प्रभु! तू भला है, दयालु है
और अपने पुकारने वालों के लिए प्रेममय।

प्रभु! मेरी प्रार्थना सुनने
और मेरी दुहाई पर ध्यान देने की कृपा कर।

मैं संकट के दिन तुझे पुकारता हूँ,
क्योंकि तू मुझे उत्तर देता है।

प्रभु! देवताओं में तेरे सदृश कोई नहीं।
तेरे कार्य अतुलनीय हैं।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे
जैसा कि आदि में, अब और अनन्तकाल तक सदा रहेगी। आमेन।

समूहः हमारा ईश्वर हमें बचाने आयेगा, उसका नाम इम्मानुएल है।

धर्मग्रंथ पाठ (फिलिप्पियों 3:17-21)

भाईयो! आप सब मिल कर मेरा अनुसरण करें। मैंने आप लोगों को एक नमूना दिया। इसके अनुसार चलने वालों पर ध्यान देते रहें; क्योंकि जैसा कि मैं आप से बार-बार कह चुका हूँ और अब रोते हुए कहता हूँ, बहुत-से लोग ऐसा आचरण करते हैं कि मसीह के क्रूस के शत्रु बन जाते हैं। उनका सर्वनाश निश्चित है। वे भोजन को अपना ईश्वर बना लेते हैं और ऐसी बातों पर गर्व करते हैं, जिन पर लज्जा करनी चाहिए। उनका मन संसार की चीजों में लगा हुआ है। हमारा स्वदेश तो स्वर्ग है और हम स्वर्ग से आने वाले मुक्तिदाता प्रभु ईसा मसीह की राह देखते रहते हैं। वह जिस सामथ्र्य द्वारा सब कुछ अपने अधीन कर सकते हैं, उसी के द्वारा वह हमारे तुच्छ शरीर का रूपान्तरण करेंगे और उसे अपने महिमामय शरीर के अनुरूप बना देंगे।

यह प्रभु की वाणी है।

समूहः हमारा ईश्वर को धन्यवाद।

(मनन चिंतन)

मरिया गान

अगुआः हमारा हम अपनी पवित्र माता के साथ जीवंत ईश्वर का गुणगान करें।

मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है,
मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है;

क्योंकि उसने अपनी दीनदासी पर कृपादृष्टि की है।
अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी;

क्योंकि सर्वशक्तिमान ने मेरे लिये महान कार्य किये हैं।
पवित्र है उसका नाम।

उसकी कृपा उसके श्रद्धालु भक्तों पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।

उसने अपना बाहुबल प्रदर्शित किया है,
उसने घमण्डियों को तितर-बितर कर दिया है।

उसने शक्तिशालियों को उनके आसनों से गिरा दिया है।
और दीनों को महान बना दिया है।

उसने दरिद्रों को सम्पन्न किया
और धनियों को खाली हाथ लौटा दिया है।

इब्राहीम और उनके वंश के प्रति
अपनी चिरस्थायी दया को स्मरण कर,

उसने हमारे पूर्वजों के प्रति अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार
अपने दास इस्राएल की सुध ली है।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन।

सामूहिक निवेदन

अगुआः हमारा प्यारे भाईयों और बहनों, हम पवित्र आत्मा से प्रेरित ईश्वर की प्रजा के रूप में एकत्रित होकर उन्हीं का नाम लेकर कहे - हे प्रभु, हमारे जीवन में आ।

समूहः हमारा हे प्रभु हमारे जीवन में आ।

अगुआः हमारा दुनिया भर के ख्रीस्त विश्वासी अपने दैनिक जीवन में बालक येसु के आगमन का अनुभव करें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा सभी समर्पित लोग प्रभु के आगमन का अनुभव करें तथा उनका अनुसरण करने की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति प्राप्त करें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा इस आगमन काल में मंडली के गडेरिये पवित्र आत्मा के वरदानों का भरपूर अनुभव करें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा बालक येसु के आगमन के प्रभाव से यहाँ उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति नई सृष्टि बन जायें। {अनुवाक्य} {यहाँ अपनी माँग रखियेगा}

हे पिता हमारे

अगुआः हमारा सारी दुनिया से संयुक्त होकर हम पिता ईश्वर को उन्हीं के शाश्वत पुत्र के शब्दों में पुकारे और कहें, हे पिता हमारे........(सब मिलकर)

आह्वान भजन

अगुआः हमारा आइए हम शांति के राजा को हमारे हृदयों में राज करने के लिये आमंत्रित करें।

हे प्रभु हमारे नेता और राजा, शांति स्थापित करने आ,
हमारे आँसु पोछने आ, हमें विनम्र बनाने आ।
और हम पर राज्य कर।

हे प्रभु, गुरू और मुक्तिदाता, अकेलों के मित्र बनने आ,
असहायों को ऊपर उठाने आ, दुखियों को सांत्वना देने आ
और तेरे प्रेम में हमें बचा।

हे प्रभु, उद्धारक, तारणहार, हमारा बोझ हलका करने आ,
हमारे जीवन को ज्योर्तिमय बनाने आ, पीड़ितों राहत दिलाने आ।
और हमें अधंकार से मुक्ति दिला।

हे प्रभु, ईश्वर और सृष्टिकर्ता, सृष्टि का नवीनीकरण करने आ,
अपना व्यवस्थान लागू करने आ, सद्भावना उत्पन्न करने आ।
और हमारे जीवन को संचालित करने आ।

हे प्रभु पालनहार और रक्षक, हमें बुराई से बचाने आ,
हमारी आत्माओं को अनुप्राणित करने आ, अपनी भेड़ों को चराने आ।
और हमें अनन्त जीवन प्रदान कर।

समापन प्रार्थना

अगुआः हमारा हम प्रार्थना करें। हे सनातन पिता, बेथलेहेम की गौशाला में, समय की पूर्ति में तेरा शब्द देह बना। एक कुँवारी से जन्म लेकर तेरे पुत्र ने हमें सिखाया कि हमें किस प्रकार तेरी संतानों जैसा जीवन बिताना चाहिये। हमारी सहायता कर कि हम भी ख्रीस्तवाहक बनने के लिये अपने जीवन में परिश्रम कर सकें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा, जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

आशिष

अगुआ: प्रभु आप लोगों के साथ हो।

समूह: और आप के साथ भी।

अगुआ: हमारे बीच जीवित सर्वशक्तिमान ईश्वर, पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा का आशीर्वाद आप सबों पर उतरे और सदा बना रहें।

समूहः हमारा आमेन।

अगुआः हमारा आप लोग विदा ले। प्रभु की शांति साथ रहें।

समूह: ईश्वर को धन्यवाद।

दूसरा दिन

अगुआ: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर।

समूह: आमेन।

अगुआ: हमारे मुक्तिदाता की शांति आप सबों के साथ हो।

समूह: और आपके साथ भी।

अगुआ: प्रिय भाईयों और बहनों, येसु हमारे प्रभु और और गुरू को ग्रहण करने की तैयारी हेतु हम यहाँ एकत्रित हुये है। उनका पवित्रात्मा हमें उनके दिव्य देहधारण के रहस्य को योग्य रीति से मनाने के लिये शुद्ध हृदय एवं स्वच्छ अन्तकरण प्रदान करे।

(मनन चिंतन)

प्रार्थना

अगुआ: हम प्रार्थना करें,
हे सर्वशक्तिमान ईश्वर, तू दरिद्रों को ऊपर उठाता तथा घमण्डियों को नीचा दिखाता है। तेरे पुत्र के आगमन की तैयारी का पूजन-समारोह हमें विनम्रता तथा दयालुता में आगे बढ़ाये। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

स्तोत्र (86:9-16)

समूहः हमारा मेरी सहायता प्रभु से आती है, जिसने स्वर्ग और पृथ्वी का निमार्ण किया है।

प्रभु! तूने राष्ट्रों का निर्माण किया, वे सब आ कर तेरी आराधना करेंगे
और तेरे नाम की महिमा करेंगे; क्योंकि तू महान् है,
तू चमत्कार दिखाता है। तू ही ईश्वर है।

प्रभु! मुझे अपना मार्ग दिखा, जिससे मैं तेरे सत्य के प्रति ईमानदार रहूँ।
मेरे मन को प्रेरणा दे, जिससे मैं तेरे नाम पर श्रद्धा रखूँ।

मेरे प्रभु-ईश्वर! मैं सारे हृदय से तुझे धन्यवाद दूँगा,
मैं सदा तेरे नाम की महिमा करूँगा;
क्योंकि मेरे प्रति तेरी सत्यप्रतिज्ञता महान् है;

तूने अधोलोक की गहराइयों से मेरा उद्धार किया है।
प्रभु! घमण्डियों ने मुझ पर आक्रमण किया,
अत्याचारियों का झुण्ड मुझे मारना चाहता है। वे तेरी उपेक्षा करते हैं।

प्रभु! तू एक दयालु और करूणामय ईश्वर है।
तू सहनशील, सत्यप्रतिज्ञ और प्रेममय है।
मेरी सुधि ले, मुझ पर दया कर,

अपने दास को बल प्रदान कर, अपनी दासी के पुत्र को बचा।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन

समूहः हमारा मेरी सहायता प्रभु से आती है, जिसने स्वर्ग और पृथ्वी का निमार्ण किया है।

धर्मग्रन्थ पाठ (रोमियों 13:11-14)

आप लोग जानते हैं कि नींद से जागने की घड़ी आ गयी है। जिस समय हमने विश्वास किया था, उस समय की अपेक्षा अब हमारी मुक्ति अधिक निकट है। रात प्रायः बीत चुकी है, दिन निकलने को है, इसलिए हम, अन्धकार के कर्मों को त्याग कर, ज्योति के शस्त्र धारण कर लें। हम दिन के योग्य सदाचरण करें। हम रंगरलियों और नशेबाजी, व्यभिचार और भोगविलास, झगड़े और ईर्ष्या से दूर रहें। आप लोग प्रभु ईसा मसीह को धारण करें और शरीर की वासनाएं तृप्त करने का विचार छोड़ दें। यह प्रभु की वाणी है।

समूहः हमारा ईश्वर को धन्यवाद।
{मनन चिंतन}

मरिया गान

अगुआः हमारा हम अपनी पवित्र माता के साथ जीवंत ईश्वर का गुणगान करें।

मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है,
मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है;

क्योंकि उसने अपनी दीनदासी पर कृपादृष्टि की है।
अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी;

क्योंकि सर्वशक्तिमान ने मेरे लिये महान कार्य किये हैं।
पवित्र है उसका नाम।

उसकी कृपा उसके श्रद्धालु भक्तों पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।

उसने अपना बाहुबल प्रदर्शित किया है,
उसने घमण्डियों को तितर-बितर कर दिया है।

उसने शक्तिशालियों को उनके आसनों से गिरा दिया है।
और दीनों को महान बना दिया है।

उसने दरिद्रों को सम्पन्न किया
और धनियों को खाली हाथ लौटा दिया है।

इब्राहीम और उनके वंश के प्रति
अपनी चिरस्थायी दया को स्मरण कर,

उसने हमारे पूर्वजों के प्रति अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार
अपने दास इस्राएल की सुध ली है।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन।

सामूहिक निवेदन

अगुआः हमारा प्यारे भाईयों और बहनों अब हम अपनी सारी चिंताओं को विश्व के पिता के समक्ष रखें और कहे - हे प्रभु, आने में देर न कर।

समूहः हमारा हे प्रभु, आने में देर न कर।

अगुआः हमारा कि माता मरियम और यूसुफ की तरह, हम भी ईश्वर के वचन को पूर्ण विश्वास से स्वीकारे। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि सभी ख्रीस्त विश्वासी शब्द के देहधारण करने के निमंत्रण पर अपने हृदय खोले। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि देश और कलीसिया के सभी नेतागण दिव्य पुत्र की विनम्रता के उदाहरण पर चले। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि दिव्य वचन की ज्योति हमारे जीवन के अंधकार को उज्जवलित करे। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि हम सब ख्रीस्त जंयती की शांति को ग्रहण करने के लायक पाये जाये। {अनुवाक्य} {यहाँ अपनी माँग रखियेगा}

हे पिता हमारे

अगुआः हमारा सारी दुनिया से संयुक्त होकर हम पिता ईश्वर को उन्हीं के शाश्वत पुत्र के शब्दों में पुकारें और कहें, हे पिता हमारे............{सब मिलकर}

आह्वान भजन

अगुआः हमारा आइए हम शांति के राजा को हमारे हृदयों में राज करने के लिये आमंत्रित करें।

हे प्रभु हमारे नेता और राजा, शांति स्थापित करने आ,
हमारे आँसु पोछने आ, हमें विनम्र बनाने आ।
और हम पर राज्य कर।

हे प्रभु, गुरू और मुक्तिदाता, अकेलों के मित्र बनने आ,
असहायों को ऊपर उठाने आ, दुखियों को सांत्वना देने आ
और तेरे प्रेम में हमें बचा।

हे प्रभु, उद्धारक, तारणहार, हमारा बोझ हलका करने आ,
हमारे जीवन को ज्योर्तिमय बनाने आ, पीड़ितों राहत दिलाने आ।
और हमें अधंकार से मुक्ति दिला।

हे प्रभु, ईश्वर और सृष्टिकर्ता, सृष्टि का नवीनीकरण करने आ,
अपना व्यवस्थान लागू करने आ, सद्भावना उत्पन्न करने आ।
और हमारे जीवन को संचालित करने आ।

हे प्रभु पालनहार और रक्षक, हमें बुराई से बचाने आ,
हमारी आत्माओं को अनुप्राणित करने आ, अपनी भेड़ों को चराने आ।
और हमें अनन्त जीवन प्रदान कर।

समापन प्रार्थना

अगुआः हमारा हम प्रार्थना करें,
हे ईश्वर, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु, तूने अपनी सृष्टि के प्रति प्रेम से प्रेरित होकर अपने पुत्र को इस दुनिया में भेजा, क्योंकि तेरी इच्छा है कि सारी मानवजाति को मुक्ति प्राप्त हो। कृपा कर कि हम पाप और बुराई से दूर रहें और तेरे पुत्र के आगमन की आषा में बाँट जोहते रहें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा, जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

आशिष

अगुआ: प्रभु आप लोगों के साथ हो।

समूह: और आप के साथ भी।

अगुआ: हमारे बीच जीवित सर्वशक्तिमान ईश्वर, पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा का आशीर्वाद आप सबों पर उतरे और सदा बना रहें।

समूहः हमारा आमेन।

अगुआः हमारा आप लोग विदा ले। प्रभु की शांति साथ रहें।

समूह: ईश्वर को धन्यवाद।

तीसरा दिन

अगुआ: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर।

समूह: आमेन।

अगुआ: हमारे मुक्तिदाता की शांति आप सबों के साथ हो।

समूह: और आपके साथ भी।

अगुआ: प्रिय भाईयों और बहनों, येसु हमारे प्रभु और और गुरू को ग्रहण करने की तैयारी हेतु हम यहाँ एकत्रित हुये है। उनका पवित्रात्मा हमें उनके दिव्य देहधारण के रहस्य को योग्य रीति से मनाने के लिये शुद्ध हृदय एवं स्वच्छ अन्तकरण प्रदान करे।

(मनन चिंतन)

प्रार्थना

अगुआ: हम प्रार्थना करें,
हे प्रभु इब्राहिम, इसहाक, और याकूब के ईश्वर, तूने मनुष्य की सृष्टि कर उसे अपार कृपाओं से भर दिया है। जब मनुष्य तेरी आज्ञा भंग कर तुझ से दूर भटक गया तब तूने उसे अपने एकलौते पुत्र को भेजकर अपनी संगती में वापस बुला लिया। हम पर कृपा दृष्टि डाल ताकि हम अपना जीवन तेरी ही महिमा के लिये बिता सकें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

स्तोत्र (08)

समूहः हमारा हे प्रभु, हमारे ईश्वर, तेरा नाम समस्त पृथ्वी पर कितना महान है।

प्रभु! हमारे ईश्वर! तेरा नाम समस्त पृथ्वी पर कितना महान् है!
तेरी महिमा आकाश से भी ऊँची है।

बालक और दुधमुँहे बच्चे तेरा गुणगान करते हैं।
तूने अपने लिए एक सुदृढ़ गढ़ बनाया है।
तेरे शत्रु और विद्रोही उसके सामने नहीं टिक सकते।

जब मैं तेरे बनाये हुए आकाश को देखता हूँ,
तेरे द्वारा स्थापित तारों और चन्द्रमा को,
तो सोचता हूँ कि मनुष्य क्या है, जो तू उसकी सुधि ले?

आदम का पुत्र क्या है, जो तू उसकी देख-भाल करे?
तूने उसे स्वर्गदूतों से कुछ ही छोटा बनाया
और उसे महिमा और सम्मान का मुकुट पहनाया।

तूने उसे अपनी सृष्टि पर अधिकार दिया
और उसके पैरों तले सब कुछ डाल दिया-

सब भेड़-बकरियों, गाय-बैलों और जंगल के बनैले पशुओं को;
आकाश के पक्षियों, समुद्र की मछलियों और सारे जलचरी जन्तुओं को।
प्रभु! हमारे ईश्वर! तेरा नाम समस्त पृथ्वी पर कितना महान् है!

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन

समूहः हमारा हे प्रभु, हमारे ईश्वर, तेरा नाम समस्त पृथ्वी पर कितना महान है।

धर्मग्रन्थ पाठ (1कुरि. 1:3-9)

हमारा पिता ईश्वर और प्रभु ईसा मसीह आप लोगों को अनुग्रह तथा शान्ति प्रदान करें। आप लोगों को ईसा मसीह द्वारा ईश्वर का अनुग्रह प्राप्त हुआ है। इसके लिए मैं ईश्वर को निरन्तर धन्यवाद देता हूँ। मसीह का सन्देश आप लोगों के बीच इस प्रकार दृढ़ हो गया है कि आप लोग मसीह से संयुक्त होकर अभिव्यक्ति और ज्ञान के सब प्रकार के वरदानों से सम्पन्न हो गये हैं। आप लोगों में किसी कृपादान की कमी नहीं है और सब आप हमारे प्रभु ईसा मसीह के आगमन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ईश्वर अन्त तक आप लोगों को विश्वास में सुदृढ़ बनाये रखेगा, जिससे आप हमारे प्रभु ईसा मसीह के दिन निर्दोष पाये जायें। ईश्वर सत्यप्रतिज्ञ है। उसने ने आप लोगों को अपने पुत्र हमारे प्रभु ईसा मसीह के सहभागी बनने के लिए बुलाया है।
यह प्रभु की वाणी है।

समूहः हमारा ईश्वर को धन्यवाद।
{मनन चिंतन}

मरिया गान

अगुआः हमारा हम अपनी पवित्र माता के साथ जीवंत ईश्वर का गुणगान करें।

मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है,
मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है;

क्योंकि उसने अपनी दीनदासी पर कृपादृष्टि की है।
अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी;

क्योंकि सर्वशक्तिमान ने मेरे लिये महान कार्य किये हैं।
पवित्र है उसका नाम।

उसकी कृपा उसके श्रद्धालु भक्तों पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।

उसने अपना बाहुबल प्रदर्शित किया है,
उसने घमण्डियों को तितर-बितर कर दिया है।

उसने शक्तिशालियों को उनके आसनों से गिरा दिया है।
और दीनों को महान बना दिया है।

उसने दरिद्रों को सम्पन्न किया
और धनियों को खाली हाथ लौटा दिया है।

इब्राहीम और उनके वंश के प्रति
अपनी चिरस्थायी दया को स्मरण कर,

उसने हमारे पूर्वजों के प्रति अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार
अपने दास इस्राएल की सुध ली है।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन।

सामूहिक निवेदन

अगुआः हमारा प्यारे भाईयों और बहनों अब हम अपने जीवन और अभिलाषाओं को स्वर्गीय राजा के चरणों में समर्पित करें और कहे - हे प्रभु, हमारे हृदय में आ।

समूहः हमारा हे प्रभु, हमारे हृदय में आ।

अगुआः हमारा कि सारे युग और लोग देहधारण के रहस्य की यादगारी में स्वर्गीय पिता के प्रेम और दया का अनुभव कर सकें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि हम बेथलेहेम के तारे के समान सारे ख्रीस्तीय लोगों को प्रभु की ओर बढ़ने में मदद करें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि वे जो ईमानदारी से जीवितों और मृतकों के ईश्वर को खोजते हैं, बेथलेहेम के नन्हें बालक में खुषी और परिपूर्णता पाये {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि ख्रीस्त के सारे अनुयायी सनातन और दयालु पिता के सुसमाचार के वाहक बन सकंे। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि यहाँ उपस्थित हम सबों को दिन-प्रतिदिन शब्द के देहधारण का अनुभव प्राप्त हो। {अनुवाक्य} {यहाँ अपनी माँग रखियेगा}

हे पिता हमारे

अगुआः हमारा सारी दुनिया से संयुक्त होकर हम पिता ईश्वर को उन्हीं के शाश्वत पुत्र के शब्दों में पुकारें और कहें, हे पिता हमारे............{सब मिलकर}

आह्वान भजन

अगुआः हमारा आइए हम शांति के राजा को हमारे हृदयों में राज करने के लिये आमंत्रित करें।

हे प्रभु हमारे नेता और राजा, शांति स्थापित करने आ,
हमारे आँसु पोछने आ, हमें विनम्र बनाने आ।
और हम पर राज्य कर।

हे प्रभु, गुरू और मुक्तिदाता, अकेलों के मित्र बनने आ,
असहायों को ऊपर उठाने आ, दुखियों को सांत्वना देने आ
और तेरे प्रेम में हमें बचा।

हे प्रभु, उद्धारक, तारणहार, हमारा बोझ हलका करने आ,
हमारे जीवन को ज्योर्तिमय बनाने आ, पीड़ितों राहत दिलाने आ।
और हमें अधंकार से मुक्ति दिला।

हे प्रभु, ईश्वर और सृष्टिकर्ता, सृष्टि का नवीनीकरण करने आ,
अपना व्यवस्थान लागू करने आ, सद्भावना उत्पन्न करने आ।
और हमारे जीवन को संचालित करने आ।

हे प्रभु पालनहार और रक्षक, हमें बुराई से बचाने आ,
हमारी आत्माओं को अनुप्राणित करने आ, अपनी भेड़ों को चराने आ।
और हमें अनन्त जीवन प्रदान कर।

समापन प्रार्थना

अगुआः हमारा हम प्रार्थना करें,
हे प्रभु, सारे ज्ञान और कल्याण का स्त्रोत, इस पावन काल में तेरे आह्नानों के प्रति हमारे कानों को खोल दे। हमारे जीवन को तेरा मार्गदर्षन प्रदान कर। हमारे हृदयों को तेरे पुत्र को स्वीकार करने के योग्य बना। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा, जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

आशिष

अगुआ: प्रभु आप लोगों के साथ हो।

समूह: और आप के साथ भी।

अगुआ: हमारे बीच जीवित सर्वशक्तिमान ईश्वर, पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा का आशीर्वाद आप सबों पर उतरे और सदा बना रहें।

समूहः हमारा आमेन।

अगुआः हमारा आप लोग विदा ले। प्रभु की शांति साथ रहें।

समूह: ईश्वर को धन्यवाद।

चैथा दिन

अगुआ: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर।

समूह: आमेन।

अगुआ: हमारे मुक्तिदाता की शांति आप सबों के साथ हो।

समूह: और आपके साथ भी।

अगुआ: प्रिय भाईयों और बहनों, येसु हमारे प्रभु और और गुरू को ग्रहण करने की तैयारी हेतु हम यहाँ एकत्रित हुये है। उनका पवित्रात्मा हमें उनके दिव्य देहधारण के रहस्य को योग्य रीति से मनाने के लिये शुद्ध हृदय एवं स्वच्छ अन्तकरण प्रदान करे।

(मनन चिंतन)

प्रार्थना

अगुआ: हम प्रार्थना करें,
हे प्रभु तूने इस दुनिया को, जो तेरे द्वारा अस्तित्व में आई, अपनी शांति प्रदान करने की प्रतिज्ञा की है। इस दुनिया में प्रवेश कर उसे अत्याचार, गरीबी और शोषण से मुक्त कर, ताकि तेरे आगमन पर तेरी प्रजा तेरी दृष्टि में योग्य बनी रहें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

स्तोत्र (15)

समूहः हमारा मैं तुझ में आनन्द और प्रसनन्ता पाऊँगा, मैं तेरे नाम की स्तुति गाऊँगा, हे सर्वोच्च ईश्वर।

प्रभु! कौन तेरे शिविर में प्रवेश करेगा?
कौन तेरे पवत्रि पर्वत पर निवास कर सकेगा?

वही, जिसका आचरण निर्दोष है, जो सदा सत्कार्य करता है,
जो हृदय से सत्य बोलता है और चुगली नहीं खाता,

जो अपने भाई को नहीं ठगता और अपने पड़ोसी की निन्दा नहीं करता,
जो विध्रमी को तुच्छ समझता और प्रभु-भक्तों का आदर करता है,

जो किसी भी कीमत पर अपने वचन का पालन करता है,
उधार दे कर ब्याज नहीं माँगता और निर्दोष के विरुद्ध घूस नहीं लेता।
जो ऐसा आचरण करता है, वह कभी विचलित नहीं होता।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन

समूहः हमारा मैं तुझ में आनन्द और प्रसनन्ता पाऊँगा, मैं तेरे नाम की स्तुति गाऊँगा, हे सर्वोच्च ईश्वर।

धर्मग्रन्थ पाठ (इसायाह 7:10-15)

प्रभु ने फिर आहाज़ से यह कहा, “चाहे अधोलोक की गहराई से हो, चाहे आकाश की ऊँचाई से, अपने प्रभु-ईश्वर से अपने लिए एक चिन्ह माँगो“। आहाज़ ने उत्तर दिया, “जी नहीं! मैं प्रभु की परीक्षा नहीं लूँगा।“ इस पर उसने कहा, “दाऊद के वंश! मेरी बात सुनो। क्या मनुष्यों को तंग करना तुम्हारे लिए पर्याप्त नहीं है, जो तुम ईश्वर के धैर्य की भी परीक्षा लेना चाहते हो? प्रभु स्वयं तुम्हें एक चिन्ह देगा और वह यह है - एक कुँवारी गर्भवती है। वह एक पुत्र को प्रसव करेगी और वह उसका नाम इम्मानूएल रखेगी। जब उसे बुराई को अस्वीकार ओर भलाई को स्वीकार करने का ज्ञान होजायेगा, तो वह दही ओर मधु खाने लगेगा।
यह प्रभु की वाणी है।

समूहः हमारा ईश्वर को धन्यवाद।
{मनन चिंतन}

मरिया गान

अगुआः हमारा हम अपनी पवित्र माता के साथ जीवंत ईश्वर का गुणगान करें।

मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है,
मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है;

क्योंकि उसने अपनी दीनदासी पर कृपादृष्टि की है।
अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी;

क्योंकि सर्वशक्तिमान ने मेरे लिये महान कार्य किये हैं।
पवित्र है उसका नाम।

उसकी कृपा उसके श्रद्धालु भक्तों पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।

उसने अपना बाहुबल प्रदर्शित किया है,
उसने घमण्डियों को तितर-बितर कर दिया है।

उसने शक्तिशालियों को उनके आसनों से गिरा दिया है।
और दीनों को महान बना दिया है।

उसने दरिद्रों को सम्पन्न किया
और धनियों को खाली हाथ लौटा दिया है।

इब्राहीम और उनके वंश के प्रति
अपनी चिरस्थायी दया को स्मरण कर,

उसने हमारे पूर्वजों के प्रति अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार
अपने दास इस्राएल की सुध ली है।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन।

सामूहिक निवेदन

अगुआः हमारा प्यारे भाईयों और बहनों, जैसे कि हम दुनिया और हृदय में अपने मुक्तिदाता का इंतजार कर रहे हैं, हम सब मिलकर उनके आशीर्वाद की कामना करें और कहे - हे प्रभु, हमारे जीवन को स्पर्श कर।

समूहः हमारा हे प्रभु, हमारे जीवन को स्पर्श कर।

अगुआः हमारा कि हमारे संत पिता........, हमारे धर्माध्यक्ष........ और सभी पुरोहित ईश्वर के शरीरधारण के रहस्य की चुनौतियों का सामना करने में ईमानदार बने रहें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि संसार तेरी कृपा और शांति तो राज्य के चिन्ह है, का अनुभव कर सकें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि हम सब विनम्र बनना सीखें ताकि हम ईश्वर के राज्य के उत्ताधिकारी बनने के योग्य पाये जायें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि हम ख्रीस्त का हमारे व्यक्तिगत तथा पारिवारिक जीवन में स्वागत करने के लिये सदा तत्पर रहें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि हमारे रोजमर्रा का जीवन ईश्वर के पुत्र के निरंतर आगमन से सम्पन्न हो। {अनुवाक्य} {यहाँ अपनी माँग रखियेगा}

हे पिता हमारे

अगुआः हमारा सारी दुनिया से संयुक्त होकर हम पिता ईश्वर को उन्हीं के शाश्वत पुत्र के शब्दों में पुकारें और कहें, हे पिता हमारे............{सब मिलकर}

आह्वान भजन

अगुआः हमारा आइए हम शांति के राजा को हमारे हृदयों में राज करने के लिये आमंत्रित करें।

हे प्रभु हमारे नेता और राजा, शांति स्थापित करने आ,
हमारे आँसु पोछने आ, हमें विनम्र बनाने आ।
और हम पर राज्य कर।

हे प्रभु, गुरू और मुक्तिदाता, अकेलों के मित्र बनने आ,
असहायों को ऊपर उठाने आ, दुखियों को सांत्वना देने आ
और तेरे प्रेम में हमें बचा।

हे प्रभु, उद्धारक, तारणहार, हमारा बोझ हलका करने आ,
हमारे जीवन को ज्योर्तिमय बनाने आ, पीड़ितों राहत दिलाने आ।
और हमें अधंकार से मुक्ति दिला।

हे प्रभु, ईश्वर और सृष्टिकर्ता, सृष्टि का नवीनीकरण करने आ,
अपना व्यवस्थान लागू करने आ, सद्भावना उत्पन्न करने आ।
और हमारे जीवन को संचालित करने आ।

हे प्रभु पालनहार और रक्षक, हमें बुराई से बचाने आ,
हमारी आत्माओं को अनुप्राणित करने आ, अपनी भेड़ों को चराने आ।
और हमें अनन्त जीवन प्रदान कर।

समापन प्रार्थना

अगुआः हमारा हम प्रार्थना करें,
हे पिता, तेरा सर्वशक्तिषाली शब्द हमें तेरे पुत्र-पुत्रियाँ बने रहने का गौरव पुनः दिलाने हेतु देह बनकर हमारे बीच रहा। उन्हीं की कृपा तथा जीवन से हमें तेरा संरक्षण सदैव मिलता रहें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा, जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

आशिष

अगुआ: प्रभु आप लोगों के साथ हो।

समूह: और आप के साथ भी।

अगुआ: हमारे बीच जीवित सर्वशक्तिमान ईश्वर, पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा का आशीर्वाद आप सबों पर उतरे और सदा बना रहें।

समूहः हमारा आमेन।

अगुआः हमारा आप लोग विदा ले। प्रभु की शांति साथ रहें।

समूह: ईश्वर को धन्यवाद।

पाँचवाँ दिन

अगुआ: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर।

समूह: आमेन।

अगुआ: हमारे मुक्तिदाता की शांति आप सबों के साथ हो।

समूह: और आपके साथ भी।

अगुआ: प्रिय भाईयों और बहनों, येसु हमारे प्रभु और और गुरू को ग्रहण करने की तैयारी हेतु हम यहाँ एकत्रित हुये है। उनका पवित्रात्मा हमें उनके दिव्य देहधारण के रहस्य को योग्य रीति से मनाने के लिये शुद्ध हृदय एवं स्वच्छ अन्तकरण प्रदान करे।

(मनन चिंतन)

प्रार्थना

अगुआ: हम प्रार्थना करें,
हे प्रभु, तेरा प्रेम अनन्त और तेरी कृपा अपार है। तेरी विश्वस्त प्रजा पर पवित्रात्मा की वर्षा कर ताकि हम धार्मिकता के मार्ग पर चलते हुए हमेषा तेरे पुत्र को ग्रहण करने के लिये तत्पर बने रहें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

स्तोत्र (130)

समूहः हमारा देखो, दुनिया का मुक्तिदाता आ रहा है; वह तुम्हें अपनी शांति प्रदान करेगा।

प्रभु! गहरे गर्त में से मैं तेरी दुहाई देता हूँ।
प्रभु! मेरी पुकार सुन, मेरी विनती पर ध्यान दे।

प्रभु! यदि तू हमारे अपराधों को याद रखेगा, तो कौन टिका रहेगा?
तू पापों को क्षमा करता है, इसलिए लोग तुझ पर श्रद्धा रखते हैं।

मैं प्रभु की प्रतीक्षा करता हूँ।
मेरी आत्मा उसकी प्रतिज्ञा पर भरोसा रखती है।

भोर की प्रतीक्षा करने वाले पहरेदारों से भी अधिक
मेरी आत्मा प्रभु की राह देखती है।

इस्राएल! प्रभु पर भरोसा रखो;
क्योंकि दयासागर प्रभु उदारतापूर्वक मुक्ति प्रदान करता है।
वही इस्राएल का उसके सब अपराधों से उद्धार करेगा।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन

समूहः हमारा देखो, दुनिया का मुक्तिदाता आ रहा है; वह तुम्हें अपनी शांति प्रदान करेगा।

धर्मग्रन्थ पाठ (इसायाह 11:1-9)

यिशय के धड़ से एक टहनी निकलेगी, उसकी जड़ से एक अंकुर फूटेगा। प्रभु का आत्मा उस पर छाया रहेगा, प्रज्ञा तथा बुद्धि का आत्मा, सुमति तथा धैर्य का आत्मा, ज्ञान तथा ईश्वर पर श्रद्धा का आत्मा। वह प्रभु पर श्रद्धा रखेगा। वह न तो जैसे-तैसे न्याय करेगा, और न सुनी-सुनायी के अनुसार निर्णय देगा। वह न्यायपूर्वक दीन-दुःखियों के मामलों पर विचार करेगा और निष्पक्ष हो कर देश के दरिद्रों को न्याय दिलायेगा। वह अपने शब्दों के डण्डे से अत्याचारियों को मारेगा और अपने निर्णयों से कुकर्मियों का विनाश करेगा। वह न्याय को वस्त्र की तरह पहनेगा और सच्चाई को कमरबन्द की तरह धारण करेगा। तब भेड़िया मेमने के साथ रहेगा, चीता बकरी की बगल में लेट जायेगा, बछड़ा तथा सिंह-शावक साथ-साथ चरेंगे और बालक उन्हें हाँक कर ले चलेगा। गाय और रीछ में मेल-मिलाप होगा और उनके बच्चे साथ-साथ रहेंगे। सिंह बैल की तरह भूसा खायेगा। दुधमुँहा बच्चा नाग के बिल के पास खेलता रहेगा और बालक करैत की बाँबी में हाथ डालेगा। समस्त पवत्रि पर्वत पर न तो कोई बुराई करेगा और न किसी की हानि; क्योंकि जिस तरह समुद्र जल से भरा है, उसी तरह देश प्रभु के ज्ञान से भरा होगा।
यह प्रभु की वाणी है।

समूहः हमारा ईश्वर को धन्यवाद।
{मनन चिंतन}

मरिया गान

अगुआः हमारा हम अपनी पवित्र माता के साथ जीवंत ईश्वर का गुणगान करें।

मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है,
मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है;

क्योंकि उसने अपनी दीनदासी पर कृपादृष्टि की है।
अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी;

क्योंकि सर्वशक्तिमान ने मेरे लिये महान कार्य किये हैं।
पवित्र है उसका नाम।

उसकी कृपा उसके श्रद्धालु भक्तों पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।

उसने अपना बाहुबल प्रदर्शित किया है,
उसने घमण्डियों को तितर-बितर कर दिया है।

उसने शक्तिशालियों को उनके आसनों से गिरा दिया है।
और दीनों को महान बना दिया है।

उसने दरिद्रों को सम्पन्न किया
और धनियों को खाली हाथ लौटा दिया है।

इब्राहीम और उनके वंश के प्रति
अपनी चिरस्थायी दया को स्मरण कर,

उसने हमारे पूर्वजों के प्रति अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार
अपने दास इस्राएल की सुध ली है।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन।

सामूहिक निवेदन

अगुआः हमारा प्यारे भाईयों और बहनों, आगमन के इस पावन काल में हम विनम्रता से अपने जीवन को हमारे मुक्तिदाता के समक्ष रखे और अनुग्रह की कामना करते हुए कहें - हे प्रभु, हमारे साथ रहने आ।

समूहः हमारा हे प्रभु, हमारे साथ रहने आ।

अगुआः हमारा कि जैसे हम हमारे प्रभु और गुरू के आगमन को मनाने की तैयारी कर रहे हैं, हम स्वयं को पूर्ण रूप से उन्हें चढ़ाने के योग्य बनें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि माता मरियम की तरह हम भी ईश्वर के वचन को हमारे दैनिक जीवन के कार्य-कलापों में स्वीकारे। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि हम भी बेथलेहेम के चरवाहों की तरह प्रभु को ढूंढे और पाने पर स्वयं को उन्हें समर्पित करें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि हम भी उन ज्योतिशियों की तरह समर्पण की भावना से, ईमानदारी के साथ सत्य की खोज करें और उनको हमारे हृदय के राजा के रूप में स्वीकारें {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि अपने हृदयों को तैयार करें ताकि बालक येसु, जो हर मानव को मुक्ति दिलाने आया है, का स्वागत योग्य रीति से कर सकें। {अनुवाक्य} {यहाँ अपनी माँग रखियेगा}

हे पिता हमारे

अगुआः हमारा सारी दुनिया से संयुक्त होकर हम पिता ईश्वर को उन्हीं के शाश्वत पुत्र के शब्दों में पुकारें और कहें, हे पिता हमारे............{सब मिलकर}

आह्वान भजन

अगुआः हमारा आइए हम शांति के राजा को हमारे हृदयों में राज करने के लिये आमंत्रित करें।

हे प्रभु हमारे नेता और राजा, शांति स्थापित करने आ,
हमारे आँसु पोछने आ, हमें विनम्र बनाने आ।
और हम पर राज्य कर।

हे प्रभु, गुरू और मुक्तिदाता, अकेलों के मित्र बनने आ,
असहायों को ऊपर उठाने आ, दुखियों को सांत्वना देने आ
और तेरे प्रेम में हमें बचा।

हे प्रभु, उद्धारक, तारणहार, हमारा बोझ हलका करने आ,
हमारे जीवन को ज्योर्तिमय बनाने आ, पीड़ितों राहत दिलाने आ।
और हमें अधंकार से मुक्ति दिला।

हे प्रभु, ईश्वर और सृष्टिकर्ता, सृष्टि का नवीनीकरण करने आ,
अपना व्यवस्थान लागू करने आ, सद्भावना उत्पन्न करने आ।
और हमारे जीवन को संचालित करने आ।

हे प्रभु पालनहार और रक्षक, हमें बुराई से बचाने आ,
हमारी आत्माओं को अनुप्राणित करने आ, अपनी भेड़ों को चराने आ।
और हमें अनन्त जीवन प्रदान कर।

समापन प्रार्थना

अगुआः हमारा हम प्रार्थना करें,
हे दयालु पिता तूने इस्राएलियों को चुनकर उन्हें अपना वचन स्वीकार करने योग्य बनाया। कलीसिया, तेरी नई प्रजा, विश्वस्तता के साथ पवित्रता के आह्वान का पालन करें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा, जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

आशिष

अगुआ: प्रभु आप लोगों के साथ हो।

समूह: और आप के साथ भी।

अगुआ: हमारे बीच जीवित सर्वशक्तिमान ईश्वर, पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा का आशीर्वाद आप सबों पर उतरे और सदा बना रहें।

समूहः हमारा आमेन।

अगुआः हमारा आप लोग विदा ले। प्रभु की शांति साथ रहें।

समूह: ईश्वर को धन्यवाद।

छठवाँ दिन

अगुआ: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर।

समूह: आमेन।

अगुआ: हमारे मुक्तिदाता की शांति आप सबों के साथ हो।

समूह: और आपके साथ भी।

अगुआ: प्रिय भाईयों और बहनों, येसु हमारे प्रभु और और गुरू को ग्रहण करने की तैयारी हेतु हम यहाँ एकत्रित हुये है। उनका पवित्रात्मा हमें उनके दिव्य देहधारण के रहस्य को योग्य रीति से मनाने के लिये शुद्ध हृदय एवं स्वच्छ अन्तकरण प्रदान करे।

(मनन चिंतन)

प्रार्थना

अगुआ: हम प्रार्थना करें,
परमदयालु पिता ईश्वर हमारी प्रार्थना और अभिलाषा तेरे पास पहुँचे। तेरी आशिष और कृपा हम पर बरसे तथा तेरी कृपा से हम ख्रीस्त वाहक बनें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

स्तोत्र (143)

समूहः हमारा शुद्ध हृदय से प्रभु की खोज करो, क्योंकि वह निकट है।

प्रभु! मेरी प्रार्थना सुन। मेरी विनय पर ध्यान दे।
अपनी सत्यप्रतिज्ञता और न्यायप्रियता के अनुरूप
मुझे उत्तर देने की कृपा कर।

अपने सेवक को अपने न्यायालय में न बुला,
क्योंकि तेरे सामने कोई प्राणी निर्दोष नहीं है।
शत्रु ने मुझ पर अत्याचार किया, उसने मुझे पछाड़ कर रौंद डाला।

उसने मुझे उन लोगों की तरह अन्धकार में रख दिया,
जो बहुत समय पहले मर चुके हैं।
इसलिए मेरा साहस टूट रहा है; मेरा हृदय तेरे अन्तरतम में सन्त्रस्त है।

मैं बीते दिन याद करता हूँ।
मैं तेरे सब कार्यों पर चिन्तन और तेरी दृष्टि का मनन करता हूँ।

मैं तेरे आगे हाथ पसारता हूँ,
सूखी भूमि की तरह मेरी आत्मा तेरे लिए तरसती है।
प्रभु! मुझे शीघ्र उत्तर दे।

मेरा साहस टूट गया है। अपना मुख मुझ से न छिपा,
नहीं तो मैं अधोलोक में उतरने वालों के सदृश हो जाऊँगा।

मुझे प्रातःकाल अपना प्रेम दिखा; मैं तुझ पर भरोसा रखता हूँ।
मुझे सन्मार्ग की शिक्षा दे,
क्योंकि मैं अपनी आत्मा को तेरी ओर अभिमुख करता हूँ।

प्रभु! शत्रुओं से मेरा उद्धार कर, क्योंकि मैं तेरी शरण आया हूँ।
प्रभु! मुझे तेरी इच्छा पूरी करने की शिक्षा दे,
क्योंकि तू ही मेरा ईश्वर है।

तेरा मंगलमय आत्मा मुझे समतल मार्ग पर ले चले।
प्रभु! अपने नाम के अनुरूप तू मुझे नवजीवन प्रदान करेगा,

अपनी न्यायप्रियता के अनुरूप तू संकट से मेरा उद्धार करेगा।
अपनी सत्यप्रतिज्ञता के अनुरूप तू मेरे शत्रुओं को मिटायेगा।
तू मेरे सभी विरोधियों का विनाश करेगा ; क्योंकि मैं तेरा सेवक हूँ।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन

समूहः हमारा शुद्ध हृदय से प्रभु की खोज करो, क्योंकि वह निकट है।

धर्मग्रन्थ पाठ (इसायाह 40:9-11,26-31)

सियोन को शुभ सन्देश सुनाने वाले! ऊँचे पहाड़ पर चढ़ो। यरुसालेम को शुभ सन्देश सुनाने वाले! अपनी आवाज़ ऊँची कर दो। निडर हो कर यूदा के नगरों से पुकार कर यह कहोः “यही तुम्हारा ईश्वर है।“ देखो प्रभु-ईश्वर सामध्र्य के साथ आ रहा है। वह सब कुछ अपने अधीन कर लेगा। वह अपना पुरस्कार अपने साथ ला रहा है और उसका विजयोपहार भी उसके साथ है। वह गड़ेरिये की तरह अपना रेवड़ चराता है। वह मेमने को उठा कर अपनी छाती से लगा लेता और दूध पिलाने वाली भेडें धीरे-धीरे ले चलता है। आकाश की ओर दृष्टि लगाओ। किसने यह सब बनाया है? उसी ने, जो नक्षत्रों का समूह फैलाता और एक-एक का नाम ले कर पुकारता है। उसका सामर्थ्य इतना महान् है और उसका तेज इतना अदम्य कि एक भी नक्षत्र अविद्यमान नहीं रहता। याकूब! तुम यह क्यों कहते हो, इस्राएल! तुम यह क्यों बोलते होः “प्रभु मेरी दुर्दशा पर ध्यान नहीं देता, मेरा ईश्वर मुझे न्याय नहीं दिलाता“? क्या तुम यह नहीं जानते, क्या तुमने यह नहीं सुना कि प्रभु अनादि-अनन्त ईश्वर है, वह समस्त पृथ्वी का सृष्टिकर्ता है? वह कभी क्लान्त अथवा परिश्रन्त नहीं होता। कोई भी उसकी प्रज्ञा की थाह नहीं ले सकता। वह थके-माँदे को बल देता और अशक्त को सँभालता है। जवान भले ही थक कर चूर हो जायें और फिसल कर गिर पड़ें, किन्तु प्रभु पर भरोसा रखने वालों को नयी स्फूर्ति मिलती रहती है। वे गरुड़ की तरह अपने पंख फैलाते हैं; वे दौड़ते रहते हैं, किन्तु थकते नहीं, वे आगे बढ़ते हैं, पर शिथिल नहीं होते।
यह प्रभु की वाणी है।

समूहः हमारा ईश्वर को धन्यवाद।
{मनन चिंतन}

मरिया गान

अगुआः हमारा हम अपनी पवित्र माता के साथ जीवंत ईश्वर का गुणगान करें।

मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है,
मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है;

क्योंकि उसने अपनी दीनदासी पर कृपादृष्टि की है।
अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी;

क्योंकि सर्वशक्तिमान ने मेरे लिये महान कार्य किये हैं।
पवित्र है उसका नाम।

उसकी कृपा उसके श्रद्धालु भक्तों पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।

उसने अपना बाहुबल प्रदर्शित किया है,
उसने घमण्डियों को तितर-बितर कर दिया है।

उसने शक्तिशालियों को उनके आसनों से गिरा दिया है।
और दीनों को महान बना दिया है।

उसने दरिद्रों को सम्पन्न किया
और धनियों को खाली हाथ लौटा दिया है।

इब्राहीम और उनके वंश के प्रति
अपनी चिरस्थायी दया को स्मरण कर,

उसने हमारे पूर्वजों के प्रति अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार
अपने दास इस्राएल की सुध ली है।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन।

सामूहिक निवेदन

अगुआः हमारा प्यारे भाईयों और बहनों, हम अपने दैनिक जीवन को विश्व विधाता परमेश्वर के चरणों में रखें और उनसे आग्रह करें कि वे हमारे जीवन के सभी पहलुओं को अनुप्राणित करे। इसी आषा के साथ हम प्रार्थना करे और कहें - हे प्रभु, हमें अपना जीवन और ज्योति प्रदान कर।

समूहः हमारा हे प्रभु, हमें अपना जीवन और ज्योति प्रदान कर।

अगुआः हमारा कि दुनिया भर के समस्त ख्रीस्तीय परिवार येसु में अपने परिवार का मुखिया पायें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि कलीसिया अनादि शब्द के आनन्द और शांति का स्त्रोत बनी रहें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि मरणासन्न येसु में एक दयालु मुक्तिदाता पायें और युगयुगों तक उनके साथ अनंत जीवन का सुख भोगें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि धर्म, जाति और लिंग पर आधारित भेदभाव खत्म हो जायें और सारे देश एवं सारे लोग संसार के मुक्तिदाता द्वारा लाये गये मुक्ति के फल का सुख अनुभव करें। {अनुवाक्य} {यहाँ अपनी माँग रखियेगा}

हे पिता हमारे

अगुआः हमारा सारी दुनिया से संयुक्त होकर हम पिता ईश्वर को उन्हीं के शाश्वत पुत्र के शब्दों में पुकारें और कहें, हे पिता हमारे............{सब मिलकर}

आह्वान भजन

अगुआः हमारा आइए हम शांति के राजा को हमारे हृदयों में राज करने के लिये आमंत्रित करें।

हे प्रभु हमारे नेता और राजा, शांति स्थापित करने आ,
हमारे आँसु पोछने आ, हमें विनम्र बनाने आ।
और हम पर राज्य कर।

हे प्रभु, गुरू और मुक्तिदाता, अकेलों के मित्र बनने आ,
असहायों को ऊपर उठाने आ, दुखियों को सांत्वना देने आ
और तेरे प्रेम में हमें बचा।

हे प्रभु, उद्धारक, तारणहार, हमारा बोझ हलका करने आ,
हमारे जीवन को ज्योर्तिमय बनाने आ, पीड़ितों राहत दिलाने आ।
और हमें अधंकार से मुक्ति दिला।

हे प्रभु, ईश्वर और सृष्टिकर्ता, सृष्टि का नवीनीकरण करने आ,
अपना व्यवस्थान लागू करने आ, सद्भावना उत्पन्न करने आ।
और हमारे जीवन को संचालित करने आ।

हे प्रभु पालनहार और रक्षक, हमें बुराई से बचाने आ,
हमारी आत्माओं को अनुप्राणित करने आ, अपनी भेड़ों को चराने आ।
और हमें अनन्त जीवन प्रदान कर।

समापन प्रार्थना

अगुआः हमारा हम प्रार्थना करें,
हे प्रभु तूने मानव को बनाया। जब वह तुझसे दूर चला गया तब तूने उसे अपने एकलौते पुत्र के द्वारा वापस बुलाने से नहीं हिचकिचाया। कृपा कर कि तेरी सृष्टि बालक येसु को सारी प्रसन्नता और विनम्रता के साथ ग्रहण कर सकें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा, जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

आशिष

अगुआ: प्रभु आप लोगों के साथ हो।

समूह: और आप के साथ भी।

अगुआ: हमारे बीच जीवित सर्वशक्तिमान ईश्वर, पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा का आशीर्वाद आप सबों पर उतरे और सदा बना रहें।

समूहः हमारा आमेन।

अगुआः हमारा आप लोग विदा ले। प्रभु की शांति साथ रहें।

समूह: ईश्वर को धन्यवाद।

सातवाँ दिन

अगुआ: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर।

समूह: आमेन।

अगुआ: हमारे मुक्तिदाता की शांति आप सबों के साथ हो।

समूह: और आपके साथ भी।

अगुआ: प्रिय भाईयों और बहनों, येसु हमारे प्रभु और और गुरू को ग्रहण करने की तैयारी हेतु हम यहाँ एकत्रित हुये है। उनका पवित्रात्मा हमें उनके दिव्य देहधारण के रहस्य को योग्य रीति से मनाने के लिये शुद्ध हृदय एवं स्वच्छ अन्तकरण प्रदान करे।

(मनन चिंतन)

प्रार्थना

अगुआ: हम प्रार्थना करें,
हे विश्व के सृष्टिकर्ता और पालनहारा तेरे पुत्र का आगमन तेरे अपार और अतुल्य प्रेम का प्रदर्षन है। उसी प्रेम में तेरी कलीसिया के सदस्य तेरी पवित्र योजना के प्रति विश्वस्त बने रहें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

स्तोत्र (23)

समूहः हमारा हे धर्मियों, प्रभु में आनन्द मनाओं, हृदय से निष्कपट लोग खुषी से उल्लसित हो।

प्रभु मेरा चरवाहा है, मुझे किसी बात की कमी नहीं।
वह मुझे हरे मैदानों में बैठाता और शान्त जल के पास ले जा कर
मुझ में नवजीवन का संचार करता है।

अपने नाम के अनुरूप वह मुझे धर्ममार्ग पर ले चलता है।
चाहे अँधेरी घाटी हो कर जाना पड़े, मुझे किसी अनिष्ट की शंका नहीं,
क्योंकि तू मेरे साथ रहता है।

मुझे तेरी लाठी, तेरे डण्डे का भरोसा है।
तू मेरे शत्रुओं के देखते-देखते
मेरे लिये खाने की मेज़ सजाता है।

तू मेरे सिर पर तेल का विलेपन करता और मेरा प्याला लबालब भर देता है।
इस प्रकार तेरी भलाई और तेरी कृपा से मैं जीवन भर घिरा रहता हूँ।
मैं चिरकाल तक प्रभु के मन्दिर में निवास करूँगा।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन

समूहः हमारा हे धर्मियों, प्रभु में आनन्द मनाओं, हृदय से निष्कपट लोग खुषी से उल्लसित हो।

धर्मग्रन्थ पाठ (इसायाह 35:1-10)

मरुस्थल और निर्जल प्रदेश आनन्द मनायें। उजाड़ भूमि हर्शित हो कर फले-फूले, वह कुमुदिनी की तरह खिल उठे, वह उल्लास और आनन्द के गीत गाये। उसे लेबानोन का गौरब दिया गया है, करमेल तथा शारोन की शोभा। लोग प्रभु की महिमा तथा हमारे ईश्वर के प्रताप के दर्शन करेंगे। थके-माँदे हाथों को शक्ति दो, निर्बल पैरों को सुदढ़ बना दो। घबराये हुए लोगों से कहो- “ढारस रखों डरो मत! देखो, तुम्हारा ईश्वर आ रहा है। वह बदला चुकाने आता है, वह प्रतिशोध लेने आता है, वह स्वयं तुम्हें बचाने आ रहा है।“ तब अन्धों की आँखें देखने और बहरों के कान सुनने लगेंगे। लँगड़ा हरिण की तरह छलाँग भरेगा। और गूँगे की जीभ आनन्द का गीत गायेगी। मरुस्थल में जल की धाराएँ फूट निकलेंगी, रेतीले मैदानों में नदियाँ बह जायेंगी, सूखी धरती झील बन जायेगी और प्यासी धरती में झरने निकलेंगे। जहाँ पहले सियारों की माँद थी, वहाँ सरकण्डे और बेंत उपजेंगे। वहाँ एक राजमार्ग बिछा दिया जायेगा, जो ‘पवत्रि मार्ग’ कहलायेगा। कोई भी पापी उस पर नहीं चलेगा। प्रभु स्वयं यह मार्ग तैयार करेगा- नास्तिक भूल कर भी उस पर पैर नहीं रखेंगे। वहाँ न तो कोई सिंह विचरेगा और न कोई हिंसक पशु मिलेगा। प्रभु की प्रजा उस पर चलेगी। प्रभु ने जिन्हें मुक्त कर दिया है, वे ही उस पर लौटेंगे। वे गाते-बजाते हुए सियोन लौटेंगे, उनके मुख पर अपार आनन्द खिल उठेगा। वे हर्ष और उल्लास के साथ लौटेंगे। दुःख और विलाप का अन्त हो जायेगा।
यह प्रभु की वाणी है।

समूहः हमारा ईश्वर को धन्यवाद।
{मनन चिंतन}

मरिया गान

अगुआः हमारा हम अपनी पवित्र माता के साथ जीवंत ईश्वर का गुणगान करें।

मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है,
मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है;

क्योंकि उसने अपनी दीनदासी पर कृपादृष्टि की है।
अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी;

क्योंकि सर्वशक्तिमान ने मेरे लिये महान कार्य किये हैं।
पवित्र है उसका नाम।

उसकी कृपा उसके श्रद्धालु भक्तों पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।

उसने अपना बाहुबल प्रदर्शित किया है,
उसने घमण्डियों को तितर-बितर कर दिया है।

उसने शक्तिशालियों को उनके आसनों से गिरा दिया है।
और दीनों को महान बना दिया है।

उसने दरिद्रों को सम्पन्न किया
और धनियों को खाली हाथ लौटा दिया है।

इब्राहीम और उनके वंश के प्रति
अपनी चिरस्थायी दया को स्मरण कर,

उसने हमारे पूर्वजों के प्रति अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार
अपने दास इस्राएल की सुध ली है।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन।

सामूहिक निवेदन

अगुआः हमारा प्यारे भाईयों और बहनों, शब्द के देहधारण के पर्व की तैयारी में आइये हम पिता ईश्वर की आशिष एवं कृपाओं की कामना करे और कहे - हे प्रभु, हमारी सुन।

समूहः हमारा हे प्रभु, हमारी सुन।

अगुआः हमारा कि अधिकारीगण अपने अधिकारों का दुरूपयोग न करें बल्कि उसे दूसरों की सेवा का साधन माने। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि पे्ररितिक काम में जुटे सभी ख्रीस्तीय विश्वासी येसु के नाम में एक हो जाये जिससे सुसमाचार का प्रचार संसार के कौने-कौने तक किया जा सकें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि कि युद्ध, आंतकवाद, और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को प्रभु का शक्तिषाली नाम आषा तथा सुरक्षा प्रदान करें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि जो लोग सत्य और अनंत शांति के प्यासे है जीवंत येसु की ओर मुडे़ जो सारी अच्छाईयों का स्त्रोत है। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि हमारे समाज के दर्षन तथा धर्मषास्त्री सर्वव्यापी ईश्वर, जिसने प्रेम से प्रेरित होकर इस दुनिया का निमार्ण किया है, से प्रेरणा पायें। {अनुवाक्य} {यहाँ अपनी माँग रखियेगा}

हे पिता हमारे

अगुआः हमारा सारी दुनिया से संयुक्त होकर हम पिता ईश्वर को उन्हीं के शाश्वत पुत्र के शब्दों में पुकारें और कहें, हे पिता हमारे............{सब मिलकर}

आह्वान भजन

अगुआः हमारा आइए हम शांति के राजा को हमारे हृदयों में राज करने के लिये आमंत्रित करें।

हे प्रभु हमारे नेता और राजा, शांति स्थापित करने आ,
हमारे आँसु पोछने आ, हमें विनम्र बनाने आ।
और हम पर राज्य कर।

हे प्रभु, गुरू और मुक्तिदाता, अकेलों के मित्र बनने आ,
असहायों को ऊपर उठाने आ, दुखियों को सांत्वना देने आ
और तेरे प्रेम में हमें बचा।

हे प्रभु, उद्धारक, तारणहार, हमारा बोझ हलका करने आ,
हमारे जीवन को ज्योर्तिमय बनाने आ, पीड़ितों राहत दिलाने आ।
और हमें अधंकार से मुक्ति दिला।

हे प्रभु, ईश्वर और सृष्टिकर्ता, सृष्टि का नवीनीकरण करने आ,
अपना व्यवस्थान लागू करने आ, सद्भावना उत्पन्न करने आ।
और हमारे जीवन को संचालित करने आ।

हे प्रभु पालनहार और रक्षक, हमें बुराई से बचाने आ,
हमारी आत्माओं को अनुप्राणित करने आ, अपनी भेड़ों को चराने आ।
और हमें अनन्त जीवन प्रदान कर।

समापन प्रार्थना

अगुआः हमारा हम प्रार्थना करें,
हे स्वर्गिक पिता, तूने अपने एकलौते पुत्र को इस दुनिया में भेजकर हमें पुनः तेरी संतान कहलाने का सौभाग्य प्रदान किया है। हमें ऐसी कृपा प्रदान कर जिससे हम पवित्रात्मा की शक्ति में दृढ़ बने रहें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा, जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

आशिष

अगुआ: प्रभु आप लोगों के साथ हो।

समूह: और आप के साथ भी।

अगुआ: हमारे बीच जीवित सर्वशक्तिमान ईश्वर, पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा का आशीर्वाद आप सबों पर उतरे और सदा बना रहें।

समूहः हमारा आमेन।

अगुआः हमारा आप लोग विदा ले। प्रभु की शांति साथ रहें।

समूह: ईश्वर को धन्यवाद।

आठवाँ दिन

अगुआ: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर।

समूह: आमेन।

अगुआ: हमारे मुक्तिदाता की शांति आप सबों के साथ हो।

समूह: और आपके साथ भी।

अगुआ: प्रिय भाईयों और बहनों, येसु हमारे प्रभु और और गुरू को ग्रहण करने की तैयारी हेतु हम यहाँ एकत्रित हुये है। उनका पवित्रात्मा हमें उनके दिव्य देहधारण के रहस्य को योग्य रीति से मनाने के लिये शुद्ध हृदय एवं स्वच्छ अन्तकरण प्रदान करे।

(मनन चिंतन)

प्रार्थना

अगुआ: हम प्रार्थना करें,
हे परम करूणामय और प्रेमी पिता, तेरे एकलौते पुत्र ने तेरी पवित्र योजनानुसार हमारी मुक्ति का कार्य सम्पन्न किया और हमें तुझे पिता कहकर पुकारने के योग्य बनाया। ऐसा कर कि हम सदैव तेरी संतानों की भांति जीवन बिता सकें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

स्तोत्र (24)

समूहः हमारा धन्य हैं वे जो ईश्वर के सामने निर्दोष है और जो हृदय से निष्कपट है।
पृथ्वी और जो कुछ उस में है, संसार और उसके निवासी-सब प्रभु का है;
क्योंकि उसी ने समुद्र पर उसकी नींव डाली
और जल पर उसे स्थापित किया है।

प्रभु के पर्वत पर कौन चढ़ेगा? उसके मन्दिर में कौन रह पायेगा?
वही, जिसके हाथ निर्दोष और हृदय निर्मल है,
जिसका मन असार संसार में नहीं रमता

जो शपथ खा कर धोखा नहीं देता। प्रभु की आशीष उसे प्राप्त होगी,
मुक्तिदाता ईश्वर उसे धार्मिक मानेगा।

ऐसे ही हैं वे लोग, जो प्रभु की खोज में लगे रहते हैं,
जो याकूब के ईश्वर के दर्शनों के लिए तरसते हैं।

फाटको! मेहराब ऊपर करो! प्राचीन द्वारो! ऊँचे हो जाओ!
महाप्रतापी राजा को प्रवेश करने दो।

वह महाप्रतापी राजा कौन है? प्रभु ही वह महाप्रतापी राजा है-
समर्थ, शक्तिशाली और पराक्रमी।

फाटको! मेहराब ऊपर करो! प्राचीन द्वारो! ऊँचे हो जाओ!
महाप्रतापी राजा को प्रवेश करने दो।

वह महाप्रतापी राजा कौन है?
प्रभु ही वह महाप्रतापी राजा विश्वमण्डल का प्रभु है।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन

समूहः हमारा धन्य हैं वे जो ईश्वर के सामने निर्दोष है और जो हृदय से निष्कपट है।

धर्मग्रन्थ पाठ (इसायाह 29:17-24)

थोड़े ही समय बाद लोबानोन फलवाटिका में बदल जायेगा और फलवाटिका जंगल बन जायेगी। उस दिन बहरे ग्रन्थ का पाठ सुनेंगे और अन्धे देखने लगेंगे; क्योंकि उनकी आँखों से धुँधलापन और अन्धकार दूर हो जायेगा। दीन-हीन प्रभु मे आनन्द मनायेंगे और जो सबसे अधिक दरिद्र हैं, वे इस्राएल के परमपावन ईश्वर की कुपा से उल्लसित हो उठेंगे; क्योंकि अत्याचारी नहीं रह जायेगा, घमण्डियों का अस्तित्व मिटेगा और उन कुकर्मियों का बिनाश होगा, जो दूसरों पर अभियोग लगाते हैं, जो कचहरी के न्यायकर्ताओं को प्रलोभन देते और बेईमानी से धर्मियों को अधिकारों से वंचित करते हैं। इसलिए प्रभु, याकूब के वंश का ईश्वर, इब्राहीम का उद्वारकर्ता, यह कहता है: “अब से याकूब को फिर कभी निराशा नहीं होगी; उसका मुख कभी निस्तेज नहीं होगा; ष्क्योंकि वह देखेगा कि मैंने उसके बीच, उसकी सन्तति के साथ क्या किया है और वह मेरा नाम धन्य कहेगा।“ लोग याकूब के परमपावन प्रभु को धन्य कहेंगे और इस्राएल के ईश्वर पर श्रद्धा रखेंगे। भटकने वालों में सद्बुद्वि आयेगी ओर विद्रोही शिक्षा स्वीकार करेंगे।
यह प्रभु की वाणी है।

समूहः हमारा ईश्वर को धन्यवाद।
{मनन चिंतन}

मरिया गान

अगुआः हमारा हम अपनी पवित्र माता के साथ जीवंत ईश्वर का गुणगान करें।

मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है,
मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है;

क्योंकि उसने अपनी दीनदासी पर कृपादृष्टि की है।
अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी;

क्योंकि सर्वशक्तिमान ने मेरे लिये महान कार्य किये हैं।
पवित्र है उसका नाम।

उसकी कृपा उसके श्रद्धालु भक्तों पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।

उसने अपना बाहुबल प्रदर्शित किया है,
उसने घमण्डियों को तितर-बितर कर दिया है।

उसने शक्तिशालियों को उनके आसनों से गिरा दिया है।
और दीनों को महान बना दिया है।

उसने दरिद्रों को सम्पन्न किया
और धनियों को खाली हाथ लौटा दिया है।

इब्राहीम और उनके वंश के प्रति
अपनी चिरस्थायी दया को स्मरण कर,

उसने हमारे पूर्वजों के प्रति अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार
अपने दास इस्राएल की सुध ली है।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन।

सामूहिक निवेदन

अगुआः हमारा प्यारे भाईयों और बहनों, प्रतीक्षा की इस घड़ी में, हम अपने दैनिक जीवन में ईश्वर को आमंत्रित करे और कहे - हे प्रभु, आकर हमारे बीच में रह जा।

समूहः हमारा हे प्रभु, आकर हमारे बीच में रह जा।

अगुआः हमारा कि समस्त राष्ट्रों, समाज तथा जातियों के बीच शांति स्थापित हो ताकि हम एक परिवार होकर तुझे जीवंत चढ़ावा अर्पित कर सकें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि ईश्वर सभी पद-दलितों को न्याय तथा पीड़ितों को सांत्वना प्रदान करे जिससे वे ईश्वर की मुक्ति की शक्ति का पहचाने। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि मरणासन्न येसु को एक दयालु मुक्तिदाता के रूप में पायें और उन्हंे अपना व्यक्तिगत मुक्तिदाता स्वीकार करने के लिये तत्परता दिखायें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि सारे मज़दूर तथा कारीगर अपने कार्य और जीवन में आनन्द तथा पूर्णता का अनुभव करे। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि मंडली जो पवित्रता का मंदिर है, अपने गुरू तथा प्रभु को स्वीकार करने के लिये नवीन बन जाये। {अनुवाक्य} {यहाँ अपनी माँग रखियेगा}

हे पिता हमारे

अगुआः हमारा सारी दुनिया से संयुक्त होकर हम पिता ईश्वर को उन्हीं के शाश्वत पुत्र के शब्दों में पुकारें और कहें, हे पिता हमारे............{सब मिलकर}

आह्वान भजन

अगुआः हमारा आइए हम शांति के राजा को हमारे हृदयों में राज करने के लिये आमंत्रित करें।

हे प्रभु हमारे नेता और राजा, शांति स्थापित करने आ,
हमारे आँसु पोछने आ, हमें विनम्र बनाने आ।
और हम पर राज्य कर।

हे प्रभु, गुरू और मुक्तिदाता, अकेलों के मित्र बनने आ,
असहायों को ऊपर उठाने आ, दुखियों को सांत्वना देने आ
और तेरे प्रेम में हमें बचा।

हे प्रभु, उद्धारक, तारणहार, हमारा बोझ हलका करने आ,
हमारे जीवन को ज्योर्तिमय बनाने आ, पीड़ितों राहत दिलाने आ।
और हमें अधंकार से मुक्ति दिला।

हे प्रभु, ईश्वर और सृष्टिकर्ता, सृष्टि का नवीनीकरण करने आ,
अपना व्यवस्थान लागू करने आ, सद्भावना उत्पन्न करने आ।
और हमारे जीवन को संचालित करने आ।

हे प्रभु पालनहार और रक्षक, हमें बुराई से बचाने आ,
हमारी आत्माओं को अनुप्राणित करने आ, अपनी भेड़ों को चराने आ।
और हमें अनन्त जीवन प्रदान कर।

समापन प्रार्थना

अगुआः हमारा हम प्रार्थना करें,
हे सर्वशक्ति सम्पन्न पिता तूने सब कुछ अच्छा और सुन्दर बनाया तथा मानव को अपने ही प्रतिरूप में बनाया। यहाँ उपस्थित सब लोगों की प्रार्थनाओं तथा निवेदनों को सुन। हमें इस योग्य बना कि हम तेरे पुत्र को स्वीकार कर सकें, सिर्फ वही हमें तेरे पास ले जा सकता है। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा, जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

आशिष

अगुआ: प्रभु आप लोगों के साथ हो।

समूह: और आप के साथ भी।

अगुआ: हमारे बीच जीवित सर्वशक्तिमान ईश्वर, पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा का आशीर्वाद आप सबों पर उतरे और सदा बना रहें।

समूहः हमारा आमेन।

अगुआः हमारा आप लोग विदा ले। प्रभु की शांति साथ रहें।

समूह: ईश्वर को धन्यवाद।

नवाँ दिन

अगुआ: पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर।

समूह: आमेन।

अगुआ: हमारे मुक्तिदाता की शांति आप सबों के साथ हो।

समूह: और आपके साथ भी।

अगुआ: प्रिय भाईयों और बहनों, येसु हमारे प्रभु और और गुरू को ग्रहण करने की तैयारी हेतु हम यहाँ एकत्रित हुये है। उनका पवित्रात्मा हमें उनके दिव्य देहधारण के रहस्य को योग्य रीति से मनाने के लिये शुद्ध हृदय एवं स्वच्छ अन्तकरण प्रदान करे।

(मनन चिंतन)

प्रार्थना

अगुआ: हम प्रार्थना करें,
हे प्रभु तेरी महिमा सारी सृष्टि पर छायी हुई है। प्रत्येक प्राणी तेरे न्याय तथा प्रताप के किस्सों का उद्गार करता है। तेरे पुत्र के आगमन का समारोह समस्त सृष्टि को तेरे आत्मा एवं प्रेम में नवीनता प्रदान करे। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

स्तोत्र (34:1-11)

समूहः हमारा देखो, ईश्वर का निगाहें उन भक्तों पर बनी रहती है, जो उनके अपार प्रेम पर आषा करते हैं।

मैं हर समय प्रभु को धन्य कहूँगा; मेरा कण्ठ निरन्तर उसकी स्तुति करेगा।
मेरी आत्मा गौरव के साथ प्रभु का गुणगान करती है।
दीन-हीन उसे सुन कर आनन्द मनाये।

मेरे साथ प्रभु की महिमा का गीत गाओ।
हम मिल कर उसके नाम की स्तुति करें।
मैंने प्रभु को पुकारा। उसने मेरी सुनी
और मुझे हर प्रकार के भय से मुक्त कर दिया।

प्रभु की ओर दृष्टि लगाओ, आनन्दित हो,
तुम फिर कभी निराश नहीं होगे।
दीन-हीन ने प्रभु की दुहाई दी। प्रभु ने उसकी सुनी
और उसे हर प्रकार के संकट से बचाया।

प्रभु का दूत उसके भक्तों के पास डेरा डालता
और विपत्ति से उनकी रक्षा करता है।
परख कर देखो कि प्रभु कितना भला है।

धन्य है वह, जो उसकी शरण जाता है! प्रभु-भक्तों! प्रभु पर श्रद्धा रखो!
श्रद्धालु भक्तों को किसी बात की कमी नहीं।

धनी लोग दरिद्र बन कर भूखे रहते हैं,
प्रभु की खोज में लगे रहने वालों का घर भरा-पूरा है।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन

समूहः हमारा देखो, ईश्वर का निगाहें उन भक्तों पर बनी रहती है, जो उनके अपार प्रेम पर आषा करते हैं।

धर्मग्रन्थ पाठ (लूकस 3:3-17)

वह यर्दन के आसपास के समस्त प्रदेश में घूम-घूम कर पापक्षमा के लिए पश्चात्ताप के बपतिस्मा का उपदेश देता था, जैसा कि नबी इसायस की पुस्तक में लिखा है: निर्जन प्रदेश में पुकारने वाले की आवाज़- प्रभु का मार्ग तैयार करो; उसके पथ सीधे कर दो। हर एक घाटी भर दी जायेगी, हर एक पहाड़ और पहाड़ी समतल की जायेगी, टेढ़े रास्ते सीधे और ऊबड़-खाबड़ रास्ते बराबर कर दिये जायेंगे और सब शरीरधारी ईश्वर के मुक्ति-विधान के दर्शन करेंगे। जो लोग योहन से बपतिस्मा ग्रहण करने आते थे, वह उन से कहता था, ’’साँप के बच्चो! किसने तुम लोगों को आगामी कोप से भागने के लिए सचेत किया? पश्चात्ताप के उचित फल उत्पन्न करो और यह न सोचा करो-’हम इब्राहीम की सन्तान हैं’। मैं तुम लोगों से कहता हूँ, ईश्वर इन पत्थरों से इब्राहीम के लिए सन्तान उत्पन्न कर सकता है। अब पेड़ों की जड़ में कुल्हाड़ा लग चुका है। जो पेड़ अच्छा फल नहीं देता, वह काटा और आग में झोंक दिया जायेगा।’’ जनता उस से पूछती थी, ’’तो हमें क्या करना चाहिए?’’ वह उन्हें उत्तर देता था, ’’जिसके पास दो कुरते हों, वह एक उसे दे दे, जिसके पास नहीं है और जिसके पास भोजन है, वह भी ऐसा ही करे’’। नाकेदार भी बपतिस्मा ग्रहण करते थे और उस से यह पूछते थे, ’’गुरुवर! हमें क्या करना चाहिए?’’ वह उन से कहता था, ’’जितना तुम्हारे लिये नियत है, उस से अधिक मत माँगों’’। सैनिक भी उस से पूछते थे, ’’और हमें क्या करना चाहिए?’’ वह उन से कहता था, ’’किसी पर अत्याचार मत करो, किसी पर झूठा दोष मत लगाओ और अपने वेतन से सन्तुष्ट रहो’’। जनता में उत्सुकता बढ़ती जा रही थी और योहन के विषय में सब मन-ही-मन सोच रहे थे कि कहीं यही तो मसीह नहीं है। इसलिए योहन ने सबों से कहा, ’’मैं तो तुम लोगों को जल से बपतिस्मा देता हूँ; परन्तु एक आने वाले हैं, जो मुझ से अधिक शक्तिशाली हैं। मैं उनके जूते का फ़ीता खोलने योग्य नहीं हूँ। वह तुम लोगों को पवित्र आत्मा और आग से बपतिस्मा देंगे। वह हाथ में सूप ले चुके हैं, जिससे वह अपना खलिहान ओसा कर साफ़ करें और अपना गेहूँ अपने बखार में जमा करें। वह भूसी को न बुझने वाली आग में जला देंगें।’’
यह प्रभु की वाणी है।

समूहः हमारा ईश्वर को धन्यवाद।
{मनन चिंतन}

मरिया गान

अगुआः हमारा हम अपनी पवित्र माता के साथ जीवंत ईश्वर का गुणगान करें।

मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है,
मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है;

क्योंकि उसने अपनी दीनदासी पर कृपादृष्टि की है।
अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी;

क्योंकि सर्वशक्तिमान ने मेरे लिये महान कार्य किये हैं।
पवित्र है उसका नाम।

उसकी कृपा उसके श्रद्धालु भक्तों पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।

उसने अपना बाहुबल प्रदर्शित किया है,
उसने घमण्डियों को तितर-बितर कर दिया है।

उसने शक्तिशालियों को उनके आसनों से गिरा दिया है।
और दीनों को महान बना दिया है।

उसने दरिद्रों को सम्पन्न किया
और धनियों को खाली हाथ लौटा दिया है।

इब्राहीम और उनके वंश के प्रति
अपनी चिरस्थायी दया को स्मरण कर,

उसने हमारे पूर्वजों के प्रति अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार
अपने दास इस्राएल की सुध ली है।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा होवे,
जैसा कि आदि में, अब और अनन्त काल तक। आमेन।

सामूहिक निवेदन

अगुआः हमारा प्यारे भाईयों और बहनों, येसु ख्रीस्त के जन्म का पर्व निकट आ रहा है। आईये हम अपने को श्रद्धा-भक्ति के इस त्योहार के लिये तैयार करे और ईश्वर से विनय करे - हे इम्मानूएल, हमारे साथ रह जा।

समूहः हमारा हे इम्मानूएल, हमारे साथ रह जा।

अगुआः हमारा कि हमारे हृदय सारी बुराईयों से मुक्ति हो जाये ताकि बेथलेहेम का बालक हमारे हृदयों में एक रमणीय स्थान पायें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि हम उत्पीड़ित तथा बेसहारा लोगों में येसु को देखें तथा उनकी निस्वार्थ सेवा कर सके। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि यहाँ उपस्थित सभी लोग ईश्वर के वचन को सुने तथा उनमें विश्वास करे जिससे वे ईश्वर को ग्रहण करने के योग्य बन जाये। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि जो पवित्र संस्कारों को बार-बार ग्रहण करते हैं, वे उनको समझें और उनके अनुसार जीवन बिताये तथा जो ईश्वर के शुद्धीकरण की कृपा से दूर भागते हैं वे तेरी ओर आकर्षित हो जायें। {अनुवाक्य}

अगुआः हमारा कि येसु के जन्मदिन का समारोह हमारे लिये ईश्वर के प्रति हमारी वचनबद्धता के नवीनीकरण का अनुभव बनें। {अनुवाक्य} {यहाँ अपनी माँग रखियेगा}

हे पिता हमारे

अगुआः हमारा सारी दुनिया से संयुक्त होकर हम पिता ईश्वर को उन्हीं के शाश्वत पुत्र के शब्दों में पुकारें और कहें, हे पिता हमारे............{सब मिलकर}

आह्वान भजन

अगुआः हमारा आइए हम शांति के राजा को हमारे हृदयों में राज करने के लिये आमंत्रित करें।

हे प्रभु हमारे नेता और राजा, शांति स्थापित करने आ,
हमारे आँसु पोछने आ, हमें विनम्र बनाने आ।
और हम पर राज्य कर।

हे प्रभु, गुरू और मुक्तिदाता, अकेलों के मित्र बनने आ,
असहायों को ऊपर उठाने आ, दुखियों को सांत्वना देने आ
और तेरे प्रेम में हमें बचा।

हे प्रभु, उद्धारक, तारणहार, हमारा बोझ हलका करने आ,
हमारे जीवन को ज्योर्तिमय बनाने आ, पीड़ितों राहत दिलाने आ।
और हमें अधंकार से मुक्ति दिला।

हे प्रभु, ईश्वर और सृष्टिकर्ता, सृष्टि का नवीनीकरण करने आ,
अपना व्यवस्थान लागू करने आ, सद्भावना उत्पन्न करने आ।
और हमारे जीवन को संचालित करने आ।

हे प्रभु पालनहार और रक्षक, हमें बुराई से बचाने आ,
हमारी आत्माओं को अनुप्राणित करने आ, अपनी भेड़ों को चराने आ।
और हमें अनन्त जीवन प्रदान कर।

समापन प्रार्थना

अगुआः हमारा हम प्रार्थना करें,
हे प्रभु जीवित ईश्वर, तू वह ईश्वर है जो बचाता है। हमारे हृदयों को प्रकाषमय बना तथा हमारे पापों को क्षमा कर। तेरा आत्मा हमें तेरे पुत्र को शुद्ध हृदय से ग्रहण करने के योग्य बनायें। हम यह प्रार्थना करते हैं हमारे प्रभु और तेरे पुत्र येसु ख्रीस्त के द्वारा, जो ईश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूहः हमारा आमेन।

आशिष

अगुआ: प्रभु आप लोगों के साथ हो।

समूह: और आप के साथ भी।

अगुआ: हमारे बीच जीवित सर्वशक्तिमान ईश्वर, पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा का आशीर्वाद आप सबों पर उतरे और सदा बना रहें।

समूहः हमारा आमेन।

अगुआः हमारा आप लोग विदा ले। प्रभु की शांति साथ रहें।

समूह: ईश्वर को धन्यवाद।


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