सन्ध्या-वन्दना

पास्का का पाँचवाँ सप्ताह - बुधवार


अगुआ : हे ईश्वर, हमारी सहायता करने आ जा।

समूह : हे प्रभु, हमारी सहायता करने शीघ्र ही आ जा।


अगुआ : पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।

समूह : जैसे वह आदि में थी, अब है और अनन्त काल तक। आमेन।


मंगलगान


अग्र. 1 : ईश्वर ने उन्हें ऊँचा उठाया; अग्रणी तथा उध्दारक के पद पर उन्हें अपने दायें बिठाया है; अल्लेलूया।


स्तोत्र 26: 1-6 संकट में प्रभु का भरोसा।

प्रभु मेरी ज्योति और मुक्ति है, तो मैं किस से डरूँ?
प्रभु मेरे जीवन की रक्षा करता है, तो मैं किस से भयभीत होऊँ?
जब कुकर्मी मुझ पर टूट पड़ते और मुझे निगलना चाहते हैं,
तो वे- मेरे शत्रु और विरोधी-लड़खड़ा कर गिर जाते हैं।

कोई सेना भले ही मेरे सामने पड़ाव डाले,
मेरा हृदय भयभीत नहीं होता।
मेरे विरुद्ध भले ही युद्ध छिड़े,
मेरा भरोसा दृढ़ बना रहता है।

मैंने प्रभु से यही वरदान माँगा है, यही मेरी अभिलाषा रही
कि प्रभु की सौम्यता के दर्शन करने के लिए
और उसके मन्दिर की देखरेख के लिए,
मैं जीवन भर प्रभु के घर में निवास करूँ;

क्योंकि वह संकट के समय
मुझे अपने तम्बू में सुरक्षित रखता है।
वह मुझे अपने तम्बू के भीतर छिपाता है।
वह मुझ ऊँची चट्टान पर खड़ा करता है।

अब भी मैं अपने चारों ओेर के शत्रुओं के बीच
अपना मस्तक ऊँचा रखता हूँ।
मुझे प्रभु के मन्दिर में जयकार के साथ बलिदान चढ़ाने
और प्रभु के आदर में भजन गाने की सुविधा है।

अग्र. : ईश्वर ने उन्हें ऊँचा उठाया; अग्रणी तथा उध्दारक के पद पर उन्हें अपने दायें बिठाया है; अल्लेलूया।

अग्र. 2 : निश्चय ही मैं जीवितों के देश में प्रभु की भलाई के दर्शन करूँगा; अल्लेलूया।


स्तोत्र 26: 7-14 संकट में प्रभु का भरोसा।

प्रभु! मेरी पुकार पर ध्यान दे।
मुझ पर दया कर मेरी सुन।
यही मेरे हृदय की अभिलाषा रही कि मैं तेरे दर्शन करूँ।

प्रभु! मैं तेरे दर्शनों के लिए तरसता हूँ।
अपना मुख मुझ से न छिपा,

अप्रसन्न हो कर अपने सेवक को न त्याग।
मुझे न छोड़, तू ही मेरा सहारा रहा है।

मेरे मुक्तिदाता ईश्वर! मेरा परित्याग न कर।
मेरे माता-पिता भले ही मुझे छोड़ दें- प्रभु मुझे अपनायेगा।

प्रभु! मुझे अपना मार्ग दिखा, मुझे सन्मार्ग पर ले चल,
क्योंकि मेरे शत्रु मेरी घात में बैठे हैं।

मुझे मेरे विरोधियों की इच्छा पर न छोड़;
क्योंकि झूठे गवाह मेरे विरुद्ध खड़े हो गये हैं
और उनके रोम-रोम में हिंसा भरी है।

मुझे विश्वास है कि मैं जीवितों के देश में
प्रभु की भलाई के दर्शन करूँगा।

प्रभु की प्रतीक्षा करो, दृढ़ रहो, साहस रखो।
प्रभु की प्रतीक्षा करो।

अग्र. : निश्चय ही मैं जीवितों के देश में प्रभु की भलाई के दर्शन करूँगा; अल्लेलूया।

अग्र. 3 : उन्हीं से, उन्हीं के द्वारा और उन्हीं में हैं सब कुछ जो विद्यमान है; उन्हीं की महिमा हो युगानुयुग; अल्लेलूया।


भजन स्तुति: कलोसियों 1:12-20

हम पिता को धन्यवाद दें, जिसने हमें इस योग्य बनाया है
कि हम ज्योति के राज्य में रहने वाले सन्तों के सहभागी बनें।

ईश्वर हमें अन्धकार की अधीनता से निकाल कर
अपने प्रिय पुत्र के राज्य में ले आया।
उसी पुत्र के द्वारा हमारा उद्धार हुआ है,
अर्थात् हमें पापों की क्षमा मिली है।

येसु मसीह अदृश्य ईश्वर के प्रतिरूप तथा समस्त सृष्टि के पहलौठे हैं;
क्योंकि उन्हीं के द्वारा सब कुछ की सृष्टि हुई है।
सब कुछ - चाहे वह स्वर्ग में हो या पृथ्वी पर,
चाहे दृश्य हो या अदृश्य, और स्वर्गदूतों की श्रेणियां भी –

सब कुछ उनके द्वारा और उनके लिए सृष्ट किया गया है।
वह समस्त सृष्टि के पहले से विद्यमान हैं
और समस्त सृष्टि उन में ही टिकी हुई है।
वही शरीर अर्थात् कलीसिया के शीर्ष हैं।

वही मूल कारण हैं और
मृतकों में से प्रथम जी उठने वाले भी,
इसलिए वह सभी बातों में सर्वश्रेष्ठ हैं।
ईश्वर ने चाहा कि उन में सब प्रकार की परिपूर्णता हो।

मसीह ने क्रूस पर जो रक्त बहाया,
उसके द्वारा ईश्वर ने शान्ति की स्थापना की।
इस प्रकार ईश्वर ने उन्हीं के द्वारा सब कुछ का,
चाहे वह पृथ्वी पर हो या स्वर्ग में, अपने से मेल कराया।

अग्र. : उन्हीं से, उन्हीं के द्वारा और उन्हीं में हैं सब कुछ जो विद्यमान है; उन्हीं की महिमा हो युगानुयुग; अल्लेलूया।

धर्मग्रन्थ-पाठ : इब्रानियों 7:24-27

प्रभु येसु सदा बने रहते हैं, इसलिए उनकी पुरोहिताई चिरस्थायी हैं। यही कारण है कि जो लोग उनके द्वारा ईश्वर की शरण लेते हैं, वह उन्हें परिपूर्ण मुक्ति दिलाने में समर्थ हैं; क्योंकि वह उनकी ओर से निवेदन करने के लिए सदा जीवित रहते हैं। यह उचित ही था कि हमें इस प्रकार का प्रधानयाजक मिले- पवित्र, निर्दोष, निष्कलंक, पापियों से सर्वथा भिन्न और स्वर्ग से भी ऊँचा। अन्य प्रधानयाजक पहले अपने पापों और बाद में प्रजा के पापों के लिए प्रतिदिन बलिदान चढ़ाया करते हैं। येसु को इसकी आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि उन्होंने यह कार्य एक ही बार उस समय पूरा कर लिया, जब उन्होंने अपने को बलि चढ़ाया।

लघु अनुवाक्य
अगुआ : सब शिष्य आनन्दित हो उठे; अल्लेलूया, अल्लेलूया।
समूह : सब शिष्य आनन्दित हो उठे; अल्लेलूया, अल्लेलूया।
• उन्होंने प्रभु को देखा।
• पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।

मरियम गान


अग्र. : यदि तुम मुझमें रहते हो और तुम में मेरी शिक्षा बनी रहती है, तो तुम जो चाहो, माँगो, वह तुम्हें दिया जायेगा; अल्लेलूया।

"मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है,
मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है;

क्योंकि उसने अपनी दीन दासी पर कृपादृष्टि की है।
अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी;
क्योंकि सर्वशक्तिमान् ने मेरे लिए महान् कार्य किये हैं।
पवित्र है उसका नाम!

उसकी कृपा उसके श्रद्धालु भक्तों पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।
उसने अपना बाहुबल प्रदर्शित किया है,
उसने घमण्डियों को तितर-बितर कर दिया है।

उसने शक्तिशालियों को उनके आसनों से गिरा दिया
और दीनों को महान् बना दिया है।
उसने दरिंद्रों को सम्पन्न किया
और धनियों को ख़ाली हाथ लौटा दिया है।

इब्राहीम और उनके वंश के प्रति
अपनी चिरस्थायी दया को स्मरण कर,
उसने हमारे पूर्वजों के प्रति अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार
अपने दास इस्राएल की सुध ली है।"

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।
जैसे वह आदि में थी, अब है और अनन्त काल तक। आमेन।

अग्र. : यदि तुम मुझमें रहते हो और तुम में मेरी शिक्षा बनी रहती है, तो तुम जो चाहो, माँगो, वह तुम्हें दिया जायेगा; अल्लेलूया।


सामूहिक निवेदन

अगुआ :ख्रीस्त येसु को पिता ने मृतकों में से जिला कर इन्हीं में हमारे लिए अमर जीवन का मार्ग खोल दिया है। हम उससे निवेदन करें।
समूह : हे पिता, ख्रीस्त की विजय द्वारा अपनी प्रजा की रक्षा कर।
• हमारे पुरखों के ईश्वर, पुनरुत्थान द्वारा तूने अपने पुत्र को महिमान्वित किया – हमें सच्चा पश्चात्ताप दे कि हम जीवन की नवीनता में चल सकें।
• तूने हमें ख्रीस्त येसु के पास लाया है जो हमारी आत्माओं का चरवाहा और संरक्षक है – आध्यात्मिक परिचर्या करने वाले अपने चरवाहोम के संचालन में हमें उसके प्रति विश्चस्त रख।
• हे पिता, तूने यहूदी समुदाय से अपने पुत्र के लिए प्रथम शिष्यों को चुन लिया था। इस्राएल के संतानों को दिखा कि तेरी प्रतिज्ञाएं पूर्ण हो चुकी हैं।
• हे पिता, अनाथों, विधवाओं तथा बे-घरबार लोगोम की सुधि ले – तेरे पुत्र ने मनुष्यों का मेल-मिलाप तेरे साथ कराया है, अब तू उन्हें न छोड़ दे।
• येसु की साक्ष्य देते हुए प्राणाहुति देने वाले स्तेफनुस को तूने अपने पास बुलाया – सभी मृत-विश्वासियों को तू अपने पास बुला ले, जिन्होंने तुझे प्यार किया और चाहा है।

हे हमारे पिता ....


समापन प्रार्थना

अगुआ :हे प्रभु, तू पापियों को पवित्र करता और निर्दोषों से विशेष प्रेम रखता है। तेरे सेवकों का हृदय सदा तुझ पर मुग्ध रहे, उनको तूने अविश्वास के अंधकार से मुक्त कर दिया है। अव वे तेरे सत्य के प्रकाशमय पथ से कभी न भटकें। हम यह प्रार्थना करते हैं, उन्हीं हमारे प्रभु येसु ख्रीस्त तेरे पुत्र के द्वारा जो परमेश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।

समूह : आमेन।

अगुआ : प्रभु हमको आशीर्वाद दे, हर बुराई से हमारी रक्षा करे और हमें अनन्त जीवन तक ले चले।

समूह : आमेन।

अगुआ : ख्रीस्त की शांति में जाइये, अल्लेलूया, अल्लेलूया।

समूह : ईश्वर को धन्यवाद, अल्लेलूया, अल्लेलूया।


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Praise the Lord!