सन्ध्या-वन्दना

वर्ष का सामान्य सप्ताह - 2 मंगलवार


अगुआ : हे ईश्वर, हमारी सहायता करने आ जा।

समूह : हे प्रभु, हमारी सहायता करने शीघ्र ही आ जा।


अगुआ : पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।

समूह : जैसे वह आदि में थी, अब है और अनन्त काल तक। आमेन।


मंगलगान

कर आलोकित मेरे भगवान
जिस डगर पर मैं चलूँ
हर कदम-कदम पर बढ़कर
प्रेम की सेवा मैं करूँ

तू बुलाता है मुझे, करूँ मैं तेरा अनुसरण
तेरे पदचिह्नों पे मैं चलकर, तेरी इच्छा पूरी करूँ
चुन लिया है तूने, मुझे शक्ति तू ही दे
बुझते दीयों को मैं जलाऊँ, रोशन हर दिल को मैं करूँ।

अग्र. 1 : तुम ईश्वर और धन, दोनों की सेवा नहीं कर सकते।

स्त्रोत्र 48: 1-13 धन-सम्पत्ति की निस्सारता।


सब राष्ट्रों! मेरी यह बात सुनो! क्या बड़े, क्या छोटे,
क्या धनी, क्या दरिद्र, पृथ्वी के सब निवासियों! तुम ध्यान दो।

मेरा मुख ज्ञान की बातें कहता है,
मेरे हृदय के उद्गार विवेकपूर्ण हैं।
मैं दृष्टांत को ध्यान में रख कर
सितार-वादन के साथ रहस्य समझाता हूँ।

मैं संकट के दिनों में क्यों डरूँ, जब मैं कपटियों के बैर से घिरा हुआ हूँ?
उन्हें अपने धन का भरोसा है, वे अपने वैभव पर गर्व करते हैं।
मनुष्य न तो अपने भाई का उद्धार कर सकता
और न उसके जीवन का मूल्य ईश्वर को दे सकता है।

प्राणों का मूल्य इतना ऊँचा है
कि किसी के पास पर्याप्त धन नहीं।
क्या कोई सदा के लिए जीवित रहेगा?
कभी वह मृत्यु का गर्त नहीं देखेगा?

लोग देखते हैं कि बुद्धिमान मर जाते हैं;
उनकी तरह मूर्ख और नासमझ मर कर
अपनी सम्पत्ति दूसरों के लिए छोड़ जाते हैं।

उनकी कब्र सदा के लिए उनका घर है।
वे पीढ़ी-दर-पीढ़ी उस में निवास करेंगे,
हालाँकि उन्होंने अपने नाम पर अपनी जमीन का नाम रखा था।

मनुष्य अपने वैभव में यह नहीं समझता,
वह गूंगे, पशुओं के सदृश है।

अग्र. : तुम ईश्वर और धन, दोनों की सेवा नहीं कर सकते।


अग्र. 2 : प्रभु कहते हैं – स्वर्ग में अपने लिए पूँजी जमा करो।


स्त्रोत्र 48: 1-13 धन-सम्पत्ति की निस्सारता।

यह उन लोगों की गति है, जो अपने पर भरोसा रखते हैं।
यह उनका भविष्य है, जो ऐसे लोगों की चाटुकारी करते हैं।
वे भेंड़ों की तरह अधोलोक के बाड़े में रखे जायेंगे,
मृत्यु उन्हें चराने ले जायेगी।

वे सीधे कब्र में उतरेंगे। उनका शरीर गल जायेगा
और वे अधोलोक में निवास करेंगे,
जब कि ईश्वर मेरी आत्मा का उद्धार करेगा
और मुझे अधोलोक से निकालेगा।

इसकी चिन्ता मत करो यदि कोई धनी बनता हो
और उसके घर का वैभव बढ़ता जाये
मरने पर वह अपने साथ कुछ नहीं ले जाता है
और उसका वैभव उसका साथ नहीं देता।

वह अपने जीवनकाल में अपने को धन्य समझता था-
"लोग तुम्हारे वैभव के कारण तुम्हारी प्रशंसा करते हैं"।
वह अपने पूर्वजों के पास जायेगा,
जो कभी दिन का प्रकाश नहीं देखेंगे।

मनुष्य अपने वैभव में यह नहीं समझता,
वह गूंगे, पशुओं के सदृश है।

अग्र. : प्रभु कहते हैं – स्वर्ग में अपने लिए पूँजी जमा करो।

अग्र. 3 : वध किया हुआ मेमना महिमा और सम्मान पाने योग्य है।


भजन स्तुति : प्रकाशना 4:11; 5:9-10, 12


हमारे पुभु-ईश्वर!
तू महिमा, सम्मान और सामर्थ्य का अधिकारी है;
क्योंकि तूने विश्व की सृष्टि की है।
तेरी ही इच्छा से वह अस्तित्व में आया और उसकी सृष्टि हुई है।

तू पुस्तक ग्रहण कर उसकी मोहरें खोलने योग्य है,
क्योंकि तेरा वध किया गया है।
तूने अपना रक्त बहा कर ईश्वर के लिए
प्रत्येक वंश, भाष्षा, प्रजाति और राष्ष्ट्र से मनुष्ष्यों को खरीद लिया।

तूने उन्हें हमारे ईश्वर की दृष्टि में याजकों का राजवंश बना दिया है
और वे पृथ्वी पर राज्य करेंगे।
बलि चढ़ाया हुआ मेमना सामर्थ्य, वैभव, प्रज्ञा, शक्ति, सम्मान,
महिमा तथा स्तुति का अधिकारी है"।

अग्र. : वध किया हुआ मेमना महिमा और सम्मान पाने योग्य है।


धर्मग्रन्थ-पाठ रोमियो 3:23-25

सबों ने पाप किया और सब ईश्वर की महिमा से वंचित किये गये। ईश्वर की कृपा से सबों को मुफ्त में पापमुक्ति का वरदान मिला है; क्योंकि ईसा मसीह ने सबों का उद्धार किया है। ईश्वर ने चाहा कि ईसा अपना रक्त बहा कर पाप का प्रायश्चित्त करें और हम विश्वास द्वारा उसका फल प्राप्त करें। ईश्वर ने इस प्रकार अपनी न्यायप्रियता का प्रमाण दिया।

लघु अनुवाक्य:
अगुआ : हे प्रभु, अपने सान्निध्य से तू मुझे परमानन्द प्रदान करेगा।
समूह : हे प्रभु, अपने सान्निध्य से तू मुझे परमानन्द प्रदान करेगा।
• मैं तेरे दाहिनी ओर अनन्त काल तक परमानन्द पाऊँगा।
• पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।

मरियम गान अग्र. : हे प्रभु, हमारे लिए तू महान कार्य कर, क्योंकि तू सर्वशक्तिमान है और तेरा नाम पवित्र है।

"मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है,
मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है;

क्योंकि उसने अपनी दीन दासी पर कृपादृष्टि की है।
अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी;
क्योंकि सर्वशक्तिमान् ने मेरे लिए महान् कार्य किये हैं।
पवित्र है उसका नाम!

उसकी कृपा उसके श्रद्धालु भक्तों पर
पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।
उसने अपना बाहुबल प्रदर्शित किया है,
उसने घमण्डियों को तितर-बितर कर दिया है।

उसने शक्तिशालियों को उनके आसनों से गिरा दिया
और दीनों को महान् बना दिया है।
उसने दरिंद्रों को सम्पन्न किया
और धनियों को ख़ाली हाथ लौटा दिया है।

इब्राहीम और उनके वंश के प्रति
अपनी चिरस्थायी दया को स्मरण कर,
उसने हमारे पूर्वजों के प्रति अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार
अपने दास इस्राएल की सुध ली है।"

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।
जैसे वह आदि में थी, अब है और अनन्त काल तक। आमेन।

अग्र : हे प्रभु, हमारे लिए तू महान कार्य कर, क्योंकि तू सर्वशक्तिमान है और तेरा नाम पवित्र है।


सामूहिक निवेदन

अगुआ :ख्रीस्त अपने रेवड़ का चरवाहा है : वह अपने लोगों को प्रेम करता और उनकी देखभाल करता है। हम विश्वास के साथ कहें।
समूह : हे प्रभु! हमें तेरी देख-भाल की ज़रूरत है।
• हे प्रभु येसु ख्रीस्त, तू युग-युगों का चरवाहा है – हमारे धर्माध्यक्ष और कलीसिया के सभी धर्माध्यक्षों की रक्षा कर।
• जो विश्वास के कारण सताये जाते हैं और जो कलीसिया से पृथक हुए हैं, तू उनके साथ रह – हे भले गड़ेरिये, वे अपने दुख-दर्द एवं पृथकता में तेरी देख-भाल महसूस करें।
• तू रोगियों को स्वास्थ्य-लाभ, भूखों को आहार प्रदान कर।
• हम अपने देश के विधि के निर्माता और विधि के प्रयुक्तों के लिए प्रार्थना करते हैं –तू उन्हें विवेक और सुबुध्दि प्रदान कर।
• तू अपनी उन भेड़ों को एकत्र कर, जिन्के लिए तूने अपने प्राण न्योछावर कर दिये – जो शान्ति की नींद में सो गये हैं, उन्हें पिताके भवन में प्रवेश पाने दे।


हे हमारे पिता

समापन प्रार्थना


अगुआ : हे प्रभु ईश्वर, दिन तेरा है, रात भी तेरी है। धार्मिकता का सूर्य हमारे हृदय में लगातार ऐसा चमकता रहे कि अन्तत: हम उस ज्योति-निवास में पहुँच जायें जहाँ तू सदा-सर्वदा निवास करता है। हम यह प्रार्थना करते हैं, उन्हीं हमारे प्रभु येसु ख्रीस्त तेरे पुत्र के द्वारा जो परमेश्वर होकर तेरे तथा पवित्र आत्मा के साथ युगानुयुग जीते और राज्य करते हैं।
समूह : आमेन।
अगुआ : प्रभु हमको आशीर्वाद दे, हर बुराई से हमारी रक्षा करे और हमें अनन्त जीवन तक ले चले।
समूह : आमेन।


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Praise the Lord!