1इसके बाद दाऊद उठ कर चला गया और योनातान नगर लौट आया। 2दाऊद नोब में याजक अहीमेलेक के पास आया। अहीमेलेक दाऊद से डरते-डरते मिला और उस से पूछा, "तुम अकेले क्यों आये हो? तुम्हारे साथ कोई क्यों नहीं आया?" 3दाऊद ने याजक अहीमेलेक को उत्तर दिया, "राजा ने मुझे पर विशेष कार्य के लिए भेजते हुए मुझ से कहा-मैं जिस कार्य के लिए तुम्हें भेज रहा हूँ, उसके विषय में कोई नहीं जान पाये’। इसलिए मैंने अपने सैनिकों को एक निश्चित जगह पर मुझ से मिलने कहा है। 4क्या आपके पास कुछ है? मुझे पाँच रोटियाँ दें या वही, जो आपके पास हो।" 5याजक ने दाऊद से कहा, "मेरे पास साधारण रोटियाँ नहीं हैं। केवल पवित्र रोटियाँ हैं। क्या वे सैनिक स्त्री-संसर्ग से दूर रहे हैं?" 6दाऊद ने याजक को उत्तर दिया, "हमारा संसर्ग स्त्रियों से नहीं हुआ। जब मैं साधारण कामों के लिए बाहर निकलता हूँ, तब सैनिकों के शरीर शुद्ध रहते हैं और फिर आज तो उनके शरीर और अधिक शुद्ध होंगे।" 7इस पर याजक ने उसे पवित्र रोटियाँ दे दीं; क्योंकि वहाँ केवल भेंट की ही रोटियाँ थीं, जो प्रभु के सामने से ताज़ी रोटियाँ रखने के समय उठा ली जाती हैं। 8उस दिन साऊल का एक नौकर प्रभु के स्थान में ठहरा हुआ था। वह दोएग नामक एदोमी और साऊल का प्रमुख चरवाहा था। 9दाऊद ने अहीमेलेक से पूछा, "यहाँ आपके पास कोई भाला या तलवार नहीं है? मुझे राजा के काम की इतनी जल्दी थी कि मैं अपनी तलवार या कोई अन्य हथियार अपने साथ न ला सका।" 10याजक ने उत्तर दिया, "फिलिस्ती गोलयत की तलवार, जिसे तुमने एला की घाटी में मार डाला था, एफ़ोद के पीछे कपडे़ में लपेट कर रखी हुई है। यदि तुम उसे लेना चाहते हो, तो ले लो। उसके सिवा और कुछ नहीं है।" दाऊद ने उत्तर दिया, "उसके समान और कोई तलवार नहीं है। मुझे वहीं दे दीजिए।" 11दाऊद उस दिन साऊल से भागते हुए। गत के राजा आकीश के पास पहुँचा। 12आकीश के सेवकों ने उस से कहा, "यह तो वही दाऊद है, जो देश का राजा है। इसी के सम्मान में तो नाचते हुए गाया जाता था: साऊल ने सहस्रों को मारा और दाऊद ने लाखों को।" 13यह सुन कर दाऊद के मन को चोट लगी और वह गत के राजा आकीश से बहुत डर गया। 14इसलिए वह उसके सामने पागल-पन का स्वांँग भरने लगा और उन्होंने उसे पकड़ लिया, तो वह पागल की तरह उसके सामने फाटक के किवाडों के ऊपर कुछ निशान बनाने और अपनी दाढ़ी पर लार टपकाने लगा। 15आकीश ने अपने सेवकों से कहा, ‘देखते हो न कि यह आदमी पागल है। तुम उसे मेरे पास क्यों लाये हो? 16क्या मेरे यहाँ पागलों की कमी है, जो तुम उसे मेरे सामने उसका पागलपन दिखलाने लाये हो? क्या वह मेरे घर के भीतर जायेगा?"