06 जनवरी, ख्रीस्त-जयन्ती काल



(जिन जगहों पर प्रभु-प्रकाश का त्योहार जनवरी 7 या 8 इतवार को मनाया जाता है)

पहला पाठ : 1 योहन 5:5-13

5) संसार का विजयी कौन है? केवल वही, जो यह विश्वास करता है कि ईसा ईश्वर के पुत्र हैं।

6) ईसा मसीह जल और रक्त से आये - न केवल जल से, बल्कि जल और रक्त से। आत्मा इसके विषय में साक्ष्य देता है, क्योंकि आत्मा सत्य है।

7) इस प्रकार ये तीन साक्ष्य देते हैं-

8) आत्मा, जल और रक्त और तीनों एक ही बात कहते हैं।

9) हम मनुष्यों का साक्ष्य स्वीकार करते हैं, किन्तु ईश्वर का साक्ष्य निश्चय ही कहीं अधिक प्रामाणिक है। ईश्वर ने अपने पुत्र के विषय में साक्ष्य दिया है।

10) जो ईश्वर के पुत्र में विश्वास करता है, उसके हृदय में ईश्वर का वह साक्ष्य विद्यमान है। जो ईश्वर में विश्वास नहीं करता, वह उसे झूठा समझता है; क्योंकि वह पुत्र के विषय में ईश्वर का साक्ष्य स्वीकार नहीं करता

11) और वह साक्ष्य यह है - ईश्वर ने अपने पुत्र द्वारा हमें अनन्त जीवन प्रदान किया है।

12) जिसे पुत्र प्राप्त है, उसे वह जीवन प्राप्त है और जिसे पुत्र प्राप्त नहीं है, उसे वह जीवन प्राप्त नहीं।

13) तुम सभी ईश्वर के पुत्र के नाम में विश्वास करते हो। मैं तुम्हें यह पत्र लिख रहा हूँ, जिससे तुम यह जानो कि तुम्हें अनन्त जीवन प्राप्त है।


सुसमाचार : सन्त मारकुस 1:6-11

6) योहन ऊँट के रोओं का कपड़ा पहने और कमर में चमड़े का पट्टा बाँधे रहता था। उसका भोजन टिड्डियाँ और वन का मधु था।

7) वह अपने उपदेश में कहा करता था, "जो मेरे बाद आने वाले हैं, वह मुझ से अधिक शक्तिशाली हैं। मैं तो झुक कर उनके जूते का फ़ीता खोलने योग्य भी नहीं हूँ।

8) मैंने तुम लोगों को जल से बपतिस्मा दिया है। वह तुम्हें पवित्र आत्मा से बपतिस्मा देंगे।"

9) उन दिनों ईसा गलीलिया के नाज़रेत से आये। उन्होंने यर्दन नदी में योहन से बपतिस्मा ग्रहण किया।

10) वे पानी से निकल ही रहे थे कि उन्होंने स्वर्ग को खुलते और आत्मा को कपोत के रूप में अपने ऊपर आते देखा।

11) और स्वर्ग से यह वाणी सुनाई दी, "तू मेरा प्रिय पुत्र है। मैं तुझ पर अत्यन्त प्रसन्न हूँ।"

वैकल्पिक सुसमाचार : सन्त लूकस 1:6-11

23) उस समय ईसा की उमर लगभग तीस वर्ष की थी। लोग उन्हें यूसुफ़़ का पुत्र समझते थे।

24) यूसुफ़ एली का पुत्र था, एली मथात का, मथात लेवी का, लेवी मेलखी का, मेलखी यन्नई का, यन्नई यूसुफ़़ का,

25) यूसुफ़ मत्ताथियस का, मत्ताथियस आमोस का, आमोस नाहुम का, नाहुम एसली का, एसली नग्गई का,

26) नग्गई मयाथ का, मयाथ मत्ताथियस सेमेई का, सेमेई योसेख का, योसेख यूदा का,

27) यूदा योहन्ना का, योहन्ना रेसा का, रेसा ज़ोरोबाबेल का, ज़ोरोबाबेल सलाथिएल का, सलाथिएल नेरी का,

28) नेरी मेलखी का, मेलखी अद्दी का, अद्दी कोसाम का, कोसाम एलमदाम का, एलमदाम एरका,

29) एरका ईसा का, ईसा एलियाज़ेर का, एलियाज़ेर योरिम का, योरिम मथात का, मथात लेवी का,

30) लेवी सिमेयोन का, सिमेयोन यूदा का, यूदा यूसुफ़़ का, यूसुफ़़ योनाम का, योनाम एललियाकिम का,

31) एलियाकिम मेलेया का, मेलेया मेन्ना का, मेन्ना मत्ताथा का, मत्ताथा नथान का, नथान दाऊद का,

32) दाऊद येस्से का, येस्से ओबेद का, ओबेद बोज़ का, बोज़ सला का, सला नास्सोन का,

33) नास्सोन अमिनदाब का, अमिनदाब अदमीन का, अदमीन अरनी का, अरनी एसरोन का, एसरोन फारेस का, फारेस यूदा का,

34) यूदा याकूब का, याकूब इसहाक का, इसहाक इब्राहीम का, इब्राहीम थारा का, थारा नाखोर का,

35) नाखोर सेरूख का, सेरूख रगौ का, रगौ फालेख का, फालेख एबेर का, एबेर सला का,

36) सला कैनाम का, कैनाम अरफक्षद का, अरफक्षद सेम का, सेम नूह का, नूह लाखेम का,

37) लाखेम मथूसला का, मथूसला हेनोख का, हेनोख यारेत का, यारेत मालेलेयेल का, मालेलेयेल कैनाम का,

38) कैनाम एनोस का, एनोस सेथ का, सेथ आदम का और आदम ईश्वर का पुत्र था।


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