जयेसु प्रार्थना संसाधन

अपनी अयोग्यता स्वीकारना

अनुवाक्य : हे प्रभु, मैंने स्वर्ग के विरुद्ध और आपके प्रति पाप किया है। मुझ पर दया कर।
• चाहे तुम अपने को क्षार से धोती और साबुन मल-मल कर नहाती रहो, तुम्हारे दोष की मैल मेरे सामने बनी रहेगी। (यिरमियाह 2:22)
• “मैंने तुम्हारी प्रजा को दण्ड दिया, किन्तु उस से उसका सुधार नहीं हुआ। तुम्हारी अपनी तलवार ने हिंसक सिंह की तरह तुम्हारे नबियों को फाड़ खाया है।“ (यिरमियाह 2:30)
• “क्या कोई युवती अपने आभूषण या कोई वधू अपना श्रृंगार भूल सकती है? किन्तु मेरी प्रजा ने न जाने कितने दिनों से मुझे भुला दिया है।“ (यिरमियाह 2:32)
• “जब तुम्हारे यहाँ पानी नहीं बरसा और वसन्त-ऋतु में होने वाली वर्षा नहीं हुई, तो तुम वेश्या की तरह आँखें मटका रही हो और तुम्हें लाज नहीं लगती।“ (यिरमियाह 3:3)
• “तुम उत्तर की ओर जा कर यह सन्देश सुनाओः ’विश्वासघातिनी इस्राएल! मेरे पास लौटो’। -यह प्रभु की वाणी है- ’मैं तुम पर और अप्रसन्न नहीं होऊँगा, क्योंकि मैं दयालु हूँ’। -यह प्रभु की वाणी है- ’मैं सदा के लिए तुम पर क्रोध नहीं करूँगा।“ (यिरमियाह 3:12)
• प्रभु यह कहता हैः “विद्रोही पुत्रो! मेरे पास लौट आओ। मैं ही तुम्हारा स्वामी हूँ। मैं तुम लोगों को, सब नगरों और राष्ट्रों से निकाल कर, सियोन में वापस ले आऊँगा।“ (यिरमियाह 3:14)
• “विश्वासघाती पुत्रो! मेरे पास लौटो मैं तुम्हारे विश्वासघात का घाव भर दूँगा।“ “देख, हम तेरे पास आ रहे हैं; क्योंकि तू ही हमारा प्रभु-ईश्वर है। (यिरमियाह 3:22)
• येरुसालेम! अपने हृदय से बुराई निकाल दे, जिससे तू बच सके! तेरे बुरे विचार तुझ से कब निकलेंगे?” (यिरमियाह 4:14)
• मेरी प्रजा! टाट के कपड़े पहन लो, राख में लोटो। एकलौते पुत्र की मृत्यु के अवसर पर विलाप करते हुए शोक मनाओ; क्योंकि विनाश करने वाला तुम पर अचानक टूट पड़ेगा।“ (यिरमियाह 6:26)


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Praise the Lord!