जयेसु प्रार्थना संसाधन

स्तोत्र 150 प्रभु की स्तुति

अनुवाक्य: सभी प्राणी प्रभु की स्तुति करें। अल्लेलूया!

  • अल्लेलूया! प्रभु के मन्दिर में उसकी स्तुति करो। उसके महिमामय आकाश में उसकी स्तुति करो।
  • उसके महान् कार्यों के कारण उसकी स्तुति करो। उसके परम प्रताप के कारण उसकी स्तुति करो।
  • तुरही फूँकते हुए, उसकी स्तुति करो। वीणा और सितार बजाते हुए उसकी स्तुति करो।
  • ढोल बजाते और नृत्य करते हुए उसकी स्तुति करो। तानपूरा और बाँसुरी बजाते हुए उसकी स्तुति करो।
  • झाँझों की ध्वनि पर उसकी स्तुति करो। विजय की झाँझों को बजाते हुए उसकी स्तुति करो।
  • सभी प्राणी प्रभु की स्तुति करें। अल्लेलूया!

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Praise the Lord!