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जयेसु प्रार्थना संसाधन
दानिएल 3 प्रभु को धन्य कहो।
अनुवाक्य: प्रभु को धन्य कहो।
प्रभु की समस्त कृतियों!
प्रभु के दूतों!
आकाश!
आकाश के ऊपर के जल!
विश्वमण्डल!
सूर्य और चंद्रमा!
आकाश के तारामण्डल
वर्षा और ओस! तुम दोनों
पवनो!
अग्नि और ताप!
शीत और ग्रीष्म!
ओस और तुषार!
ठण्ड और पाले!
बर्फ और हिमपात!
रात और दिन!
प्रकाश और अन्धकार!
बिजली और बादलों!
पर्वतों और पहाड़ियों!
पृथ्वी के सब वनस्पतियो!
झरनो!
समुद्रों और नदियों!
मकर और जलचरगण!
आकाश के समस्त पक्षियों!
सब बनैले और पालतू पशुओं!
मनुष्य की सन्तति!
इस्राएल!
प्रभु के याजकों!
प्रभु के सेवकों!
धर्मियों की आत्मोओं!
संतो और हृदय के दीन लोगों!