हे परम पावन ईश्वर, तेरे ही पास अनन्त जीवन का सन्देश है। तेरा वचन हमें सिखाता है कि मनुष्य रोटी से ही नहीं जीता, बल्कि ईश्वर के मुँह से निकलने वाले हरेक शब्द से जीता है। “मनुष्यों का पोषण विभिन्न फलों द्वारा नहीं होता, बल्कि तेरा वचन उन सब को सँभालता है, जो तुझ पर विश्वास करते हैं।“ (प्रज्ञा 16:26) हे प्रभु, हमें अपने पवित्र वचन का भोजन करा दे। तेरा “वचन जीवन्त, सशक्त और किसी भी दुधारी तलवार से तेज है। वह हमारी आत्मा के अन्तरतम तक पहुँचता और हमारे मन के भावों तथा विचारों को प्रकट कर देता है।“ (इब्रानियों 4:12) तेरी वाणि हमारे पैरों के लिए ज्योति है और हमारा पथ आलोकित करती है। (स्तोत्र 119:105) तेरे वचन के द्वारा हमारा डर दूर कर तथा तुझ में हमारे विश्वास को बढा। विश्वासियों को तेरा शब्द चंगा करता है (प्रज्ञा 16:12)। तेरे वचन की शक्ति से हमारी आत्मिक, मानसिक तथा शारीरिक बीमारियों को दूर कर। तेरे वचन से हमें हर प्रकार की मलिनता से शुद्ध कर। तेरा वचन हमारी निराशा को आशा में बदल दे तथा हमारे अन्दर पश्चात्ताप उत्पन्न करे। प्रलोभन के समय तेरा वचन हमें सुरक्षित रखें। तेरा वचन हमारी भावनाओं तथा प्रवणताओं को नई चेतना प्रदान करे तथा हमें अनन्त जीवन तक पहुँचा दे। हमारे प्रभु ख्रीस्त के द्वारा। आमेन।