सिदकीया के राज्यकाल के नौवें वर्ष में, दसवें महीने के दसवें दिन, बाबुल का राजा नबूकदनेजर अपनी समस्त सेना के साथ येरुसालेम पर आक्रमण करने आया। उसने नगर के सामने शिविर डाला और उसे चारों ओर से घेर लिया। यह घेराबन्दी सिदकीया के राज्यकाल के दसवें वर्ष तक बनी रही। उस वर्ष के चौथे महीने के नौवें दिन नगर की चारदीवारी में दरार की गयी, क्योंकि नगर में अकाल पड़ा था और खाने के लिए लोगों के पास कुछ नहीं रह गया था। यद्यपि खल्दैयी नगर के चारों ओर पड़े हुए थे, फिर भी सब सैनिक राजकीय उद्यान के पास की दो दीवालों के बीच वाले फाटक से, रात को, नगर से बाहर निकले और अराबा की ओर भाग गये। खल्दैयिओं की सेना ने राजा का पीछा किया और उसे येरीखो के मैदान में घेर लिया। उस समय तक उसकी सारी सेना तितर-बितर हो गयी थी। खल्दैयिओं ने राजा को पकड़ कर रिबला में बाबुल के राजा के सामने उपस्थित किया। वहाँ नबूकदनेजर ने सिदकीया को दण्डाज्ञा दी और उसके पुत्रों को अपने सामने मरवा डाला। इसके बाद उसने सिदकीया की आँखें निकाली और उसे काँसे की बेड़ियों से बाँध कर बाबुल भेज दिया। बाबुल के राजा नबूकदनेजर के राज्यकाल के उन्नीसवें वर्ष में, पाँचवें महीने के सातवें दिन, बाबुल के राजा के सेनापति और उसके अंगरक्षकों के नायक नबूजरअदान ने येरुसालेम में प्रवेश किया। उसने प्रभु का मंदिर, राजा का महल और येरुसालेम के सब घर जला दिये। अंगरक्षकों के नायक के साथ जो खल्दैयी सेना आयी थी, उसने येरुसालेम की चारदीवारी गिरा दी। नगर में जो निवासी रह गये थे, जो लोग बाबुल के राजा के समर्थक बन गये थे और जो भी कारीगर शेष रहे, उन सबों को अंगरक्षकों के नायक नबूजरअदान ने निर्वासित किया। उसने दाखबारियों और खेतों में काम करने के लिए जन-साधारण के कुछ ही लोगों को छोड़ दिया।
प्रभु की वाणी।
अनुवाक्य : यदि मैं तुझे याद नहीं करूँ, तो मेरी जीभ तालू से चिपक जाये।
1. बाबुल की नदियों के तट पर बैठकर हम सियोन की याद करते हुए रोते थे। आसपास खड़े मजनूँ के पेड़ों पर हमने अपनी वीणाएँ टाँग दी थीं।
2. जो लोग हमें बन्दी बना कर ले गये थे, वे हम से भजन गाने को कहते थे। हम पर अत्याचार करने वाले हम से आनन्द के गीत चाहते थे। वे हम से कहते थे सियोन का कोई गीत सुनाओ।
3. हम पराये देश में रहते हुए प्रभु का भजन कैसे गा कर सुनायें? येरुसालेम ! यदि मैं तुझे भुला दूँ, तो मेरा दाहिना हाथ सूख जाये।
4. यदि मैं तुझे याद नहीं करूँ, यदि मैं येरुसालेम को अपना सर्वोत्तम आनन्द नहीं मानूँ, तो मेरी जीभ तालू से चिपक जाये।
अल्लेलूया ! उसने हमारी दुर्बलताओं को दूर कर दिया और हमारे रोगों को अपने ऊपर ले लिया। अल्लेलूया !
येसु पहाड़ी से उतरे। एक विशाल जनसमूह उनके पीछे हो लिया। उस समय एक कोढ़ी उनके पास आया और उन्हें दण्डवत् कर उसने कहा, "प्रभु ! आप चाहें तो मुझे शुद्ध कर सकते हैं।" येसु ने हाथ बढ़ा कर यह कहते हुए उसका स्पर्श किया, "मैं यही चाहता हूँ शुद्ध हो जाओ।" उसी क्षण उसका कोढ़ दूर हो गया। येसु ने उस से कहा, "सावधान ! किसी से कुछ न कहो। जा कर अपने को याजक को दिखाओ और मूसा द्वारा निर्धारित भेंट चढ़ाओ, जिससे तुम्हारा स्वास्थ्यलाभ प्रमाणित हो जाये।"
प्रभु का सुसमाचार।