1इनके बाद नातान प्रकट हुए, जो दाऊद के दिनों में नबी थे। 2जिस प्रकार प्रायश्चित्त के बलिदान में चरबी अलग की जाती है, उसी प्रकार दाऊद को इस्राएलियों में से चुना गया था। 3वह सिंहों के साथ खेलते थे, मानो वे बकरी के बच्चे हों और भालुओें के साथ खेलते थे, मानो वे छोटे मेमने हों। 4उन्होंने अपनी जवानी में भीमकाय योद्धा को मारा और अपने राष्ट्र का कलंक दूर किया। 5उन्होंन हाथ से ढेलबाँस का पत्थर मारा और गोलयत का घमण्ड चूर-चूर कर दिया; 6क्योंकि उन्होंने सर्वोच्च प्रभु से प्रार्थन की और उसने उनके दाहिने हाथ को शक्ति प्रदान की, जिससे वह बलवान् योद्धा को पछाड़ कर अपनी प्रजा को शक्तिशाली बना सकें। 7इसलिए लोगों ने उन्हें ’दस हजार का विजेता’ घोषित किया, ईश्वर के आशीर्वाद के कारण उनकी स्तुति की और उन्हें महिमा का मुकुट पहनाया; 8क्योंकि उन्होंने चारों ओर के शत्रुओें को पराजित किया और अपने फिलिस्तीनी विरोधियों का सर्वनाश किया। उन्होंने सदा के लिए उनकी शक्ति समाप्त कर दी। 9वह अपने सब कार्यों में धन्यवाद देते हुए परमपावन सर्वोच्च ईश्वर की स्तुति करते रहे। 10वह अपने सृष्टिकर्ता के प्रति अपना प्रेम प्रकट करने के लिए सारे हृदय से गीत गाया करते थे। 11उन्होंने गायकों को नियुक्त किया, जिससे वे वेदी के सामने खड़े हो कर मधुर गान सुनायें। 12उन्होंने पर्वों के भव्य समारोह का प्रबन्ध किया और सदा के लिए पर्वचक्र निर्धारित किया, जिससे प्रभु का मन्दिर प्रातःकाल से ही उसके पवित्र नाम की स्तुति से गूँज उठे। 13प्रभु ने उनके पाप क्षमा किये और सदा के लिए उन्हें शक्तिशाली बना दिया। उसने उन्हें राज्याधिकार और इस्राएल को महिमामय सिंहासन प्रदान किया। 14दाऊद के बाद उनके एक प्रज्ञासम्पन्न पुत्र प्रकट हुए, जो अपने पिता के कारण सुरक्षा में जीवन बिता सके। 15सुलेमान ने शान्ति के समय राज्य किया। ईश्वर ने उन्हें सब ओर से शान्ति प्रदान की, जिससे वे उसके नाम पर भवन बनवायें और सदा के लिए एक मन्दिर की स्थापना करें। आप अपनी युवावस्था में कितने प्रज्ञा-सम्पन्न थे। 16और नदी की तरह विवेक से भरपूर! आपकी विद्धता ने पृथ्वी को ढक दिया 17और उसे रहस्यात्मक सूक्तियों से भर दिया। आपका नाम दूर द्वीपों तक फैल गया और आप अपनी शान्ति के कारण लोकप्रिय थे। 18सारी पृथ्वी आपके गीतों, सूक्तियों, दृष्टान्तों और व्याख्याओें पर मुग्ध थी। 19आपने प्रभु-ईश्वर के नाम पर, जो इस्राएल का ईश्वर कहलाता है, 20राँगे की तरह सोने का और सीसे की तरह चाँदी का ढेर लगाया। 21किन्तु आपने अपने को स्त्रियों पर अर्पित किया और उन्हें अपने शरीर पर अधिकार दिया। 22आपने अपने यश पर कलंक लगाया, अपने वंशजों को दूषित किया, अपनी सन्तति पर क्रोध उत्पन्न किया और उन्होंने आपकी मूर्खता पर शोक मनाया। 23आपका राज्य दो भागों में विभाजित किया गया, जिससे एफ्रईम में एक विद्रोही राज्य उत्पन्न हुआ। 24फिर भी प्रभु ने अपनी दया नहीं भुलायी और अपने शब्दों में एक को भी व्यर्थ नहीं होने दिया। उसने दाऊद के पुत्रों को मिटने नहीं दिया और अपने प्रेमपात्र के वंश का सर्वनाश नहीं किया। 25उसने याकूब का एक अवशेष और दाऊद के एक वंशज को सुरक्षित रखा। 26सुलेमान अपने पूर्वजों से जा मिले 27और अपने बाद एक ऐसे मूर्ख वंशज को छोड़ गये, 28जिस में कोई बुद्धि नहीं थी। रहबआम, जिसने अपने निर्णय के कारण जनता में विद्रोह उत्पन्न किया, 29नबाट के पुत्र यरोबआम ने इस्राएल से पाप करवाया, और एफ्रईम को पाप का मार्ग दिखाया। उनके पापों की संख्या इस प्रकार बढ़ गयी 30कि उन को अपने देश से निर्वासित किया गया। 31जब तक उन को दण्ड नहीं दिया गया, तब तक वे हर प्रकार के अपराध करते रहे।