प्रवक्ता

अध्याय 49

1योशीया की स्मृति एक सुगन्धित मिश्रण है, जिसे अत्तार की कला ने तैयार किया है। 2उनकी स्मृति प्रत्येक के मुँह में मधु की तरह मधुर है, अंगूरी की दावत में संगीत की तरह। 3उन्हें हमारे धर्मत्याग का दुःख था और उन्होंने हमारा घृणित आचरण समाप्त किया। 4उन्होनें अपना हृदय प्रभु की ओर अभिमुख किया और पाप के युग में उनकी भक्ति दृढ़ बनी रही। 5दाऊद, हिज़कीया और योशीया को छोड़ कर सब-के-सब पाप-पर-पाप करते रहे; 6क्योंकि यूदा के सभी राजाओें ने सर्वोच्च प्रभु की संहिता का परित्याग किया। 7उनका राज्य दूसरों के हाथ चला गया और उनकी महिमा विदेशियों को दी गयी। 8विदेशियों ने मन्दिर का पावन नगर जलाया और यिरमियाह के कारण उसकी सड़के उजाड़ी; 9क्योंकि उन्होंने उन पर अत्याचार किया, यद्यपि माता के गर्भ में ही उनका अभिषेक नबी के रूप में हुआ था, जिससे उन्हें उखाड़ने, गिराने एवं नष्ट करने का और इसके बाद निर्माण करने और रोपने का अधिकार मिला था। 10एज़ेकिएल ने एक दिव्य दर्शन देखा, जिसे प्रभु ने उन्हें केरूबों के रथ पर दिखाया। 11उन्होंने अय्यूब का स्मरण दिलाया, जो अन्त तक सन्मार्ग से नहीं भटके। 12बारह नबियों की हड्डियाँ अपने स्थान पर खिल उठे, क्योंकि उन्होंने याकूब केा ढारस बँधाया और अपनी ईमानदारी से उसका उद्धार किया! 13हम ज़रूबबाबेल की प्रशंसा कैसे करें? वह दाहिने हाथ की मुद्रिका-जैसे थे। 14योसादाक के पुत्र येशूआ उनके सदृश थे। दोनों ने अपने जीवनकाल में वेदी स्थापित की और प्रभु के नाम पर वह मन्दिर बनवाया, जो उसकी अनन्त महिमा को अर्पित है। 15नहेम्या की स्मृति भी अमिट है। उन्होनें हमारी गिरायी हुई दीवारों का पुनर्निर्माण किया, उन में फाटक एवं अर्गल लगवाये और हमारे घर फिर से बनवाये। 16हनोक के सदृश पृथ्वी पर किसी की सृष्टि नहीं हुई; क्योंकि वह पृथ्वी पर से सशरीर उठा लिये गये। 17यूसुफ के सदृश भी कोई मनुष्य नहीं जन्मा। वह अपने भाईयों के नेता और अपने लोगों के सहायक थे। 18उनकी हड्डियों का सम्मान किया गया और उन्होंने उनकी मृत्यु के बाद भविष्यवाणी की। 19सेम और सेत मनुष्यों में यशस्वी थे, किन्तु आदम सृष्टि के सभी प्राणियों में श्रेष्ठ है।