📖 - पहला इतिहास ग्रन्थ

अध्याय ➤ 01- 02- 03- 04- 05- 06- 07- 08- 09- 10- 11- 12- 13- 14- 15- 16- 17- 18- 19- 20- 21- 22- 23- 24- 25- 26- 27- 28- 29- मुख्य पृष्ठ

अध्याय 20

1) वसन्त के समय, जब राजा लोग युद्ध के लिए प्रस्थान किया करते हैं, योआब ने सेना ले कर अम्मोनियों का देश उजाड़ा। इसके बाद उसने रब्बा को घेर लिया। दाऊद येरुसालेस में रह गया। योआब ने रब्बा पर अधिकार कर लिया और उसका विनाश किया।

2) दाऊद ने अम्मोनियों के देवता मिल्कोम के सिर का मुकुट ले लिया। उसका वज़न एक मन सोना था और उस में एक बहुमूल्य रत्न जड़ा था। वह दाऊद के सिर पर पहनाया गया। दाऊद ने उस नगर से लूट का बहुत-सा माल प्राप्त किया।

3) वह नगर के निवासियों को ले गया और उन से आरे, गैंती और कुल्हाड़ी से काम करवाया। उसने अम्मोनियों के अन्य सब नगरों के साथ यही किया। इसके बाद दाऊद अपनी सारी सेना के साथ येरूसालेम लौट आया।

4) इसके बाद गेज़ेर के निकट फ़िलिस्तियों से युद्ध छिड़ गया। हुषाती सिब्बकय ने सिप्पय को मार डाला, जो रफ़ाईम का वंशज था। फ़िलिस्ती अधीन हो गये।

5) जब फिर से फ़िलिस्तियों से युद्ध छिड़ गया, तो याईर के पुत्र एल्हानान ने गतवासी गोलयत के भाई लहमी को मार डाला। उसके भाले का दण्ड करघे के डण्डे-जैसा था।

6) जब गत के पास फिर से लड़ाई छिड़ी, तो एक दैत्याकार आदमी सामने आया। उसके हाथों में छः-छः अँगुलियाँ थीं और पाँवों में छः-छः अँगुलियाँ, इस तरह कुल चैबीस अँगुलियाँ थीं। वह भी रफ़ाईम का वंशज था।

7) जब उसने इस्राएलियों का ललकारा, तब दाऊद के भाई शिमआ के पुत्र योनातान ने उसका वध कर दिया।

8) ये लोग गत के रफ़ाईम के वंशज थे और ये दाऊद तथा उसके सेवकों के हाथों मारे गये।



Copyright © www.jayesu.com